जनहित के मुद्दे एवं स्थानीय समस्याओं को लेकर कांग्रेस का कलेक्टर कार्यालय घेराव, पुलिस बैरिकेड तोड़कर राजपाल के नाम सौपा ज्ञापन

जीपीएम – जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला पेंड्रा मरवाही द्वारा 1 जुलाई को स्थानीय समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर आज जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ते हुए हर्डल पर चढ़ गए हालांकि, पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। बाद में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।

वही आज के प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तम वासुदेव ने किया उन्होंने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि जब से प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई है, तब से आम जनता, विशेषकर किसान, छात्र, मजदूर और मरीज सभी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में कभी खाद-बीज की किल्लत नहीं हुई, बिजली बिल हाफ था और बिजली की कटौती नहीं होती थी, लेकिन आज हालात बदतर हो गए हैं।
किसान खाद के लिए परेशान हैं, बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित हो रही है। जिला अस्पताल एक रेफर सेंटर बनकर रह गया है। सरकारी डॉक्टर निजी अस्पतालों से मिलीभगत कर मरीजों को वहां भेज रहे हैं। रेत के नाम पर अवैध वसूली हो रही है। और तो और, पेंड्रा बाईपास जिसका उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने किया था, वो आज तक अधूरा है, जबकि दो बार बजट पास हो चुका है, परंतु अब तक स्वीकृति नहीं दी गई।”
वही आज के धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक के.के. ध्रुव ने भी राज्य की भाजपा सरकार को घेरा, और भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस कार्यकर्ता जवान, किसान और संविधान की रक्षा के लिए सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि जिले में रेत खदानों की स्वीकृति नहीं है, बिजली की अघोषित कटौती हो रही है, और कई आत्मानंद स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जो शिक्षा के अधिकार का हनन है, पूर्व विधायक डॉ के के ध्रुव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की -कांग्रेस सरकार के समय 750 आत्मानंद स्कूल खोले गए थे, लेकिन आज भाजपा शासन में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। स्वास्थ्य और बिजली-पानी की स्थिति भी दयनीय हो चुकी है। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।”
पुलिस एवं प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए थे अपनी मांगों का राज्यपाल के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सौंपा है..
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, एनएसयूआई सहित कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।