Blog

थानों में 43 और वाहनों की जरूरत, 30 सिर्फ पेट्रोलिंग के लिए,आउटसोर्स गाड़ियां हटने के बाद बड़े थानों में भी एक-एक वाहन से गश्त,कई आउटर इलाकों में पुलिस पहुंचने में हो रही देरी

बिलासपुर। आउटसोर्स की गाड़ियां हटने के बाद बिलासपुर पुलिस के थानों में पेट्रोलिंग वाहनों की कमी सामने आ गई है। जिले के 17 थानों और 3 चौकियों में पेट्रोलिंग के लिए फिलहाल 20 वाहन ही चल रहे हैं। बड़े क्षेत्रफल वाले सिविल लाइन, सरकंडा और सिरगिट्टी थानों में भी एक-एक वाहन से पूरे क्षेत्र में गश्त करनी पड़ रही है। ऐसे में एक साथ दो-तीन घटनाएं होने पर पुलिस को दूसरे स्थान से वाहन भेजना पड़ता है, जिससे आउटर और दूर के इलाकों में पहुंचने में देरी हो रही है।सरकंडा के अशोक नगर के आखिरी छोर, सिविल लाइन के मंगला और धुरीपारा तथा सिरगिट्टी के आउटर इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग प्रभावित होने की बात सामने आई है। कई बार एक वाहन किसी घटना में व्यस्त होने पर दूसरे स्थान के लिए जवानों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है। सिविल लाइन थाने में उपलब्ध बोलेरो भी बार-बार खराब हो रही है। वाहन खराब होने पर जवानों को बाइक से पेट्रोलिंग करनी पड़ती है।

50 से ज्यादा आउटसोर्स वाहन हटे

बिलासपुर पुलिस ने 50 से ज्यादा आउटसोर्स वाहन हटा दिए हैं। वर्तमान में विभाग के पास छोटी-बड़ी कुल 88 सरकारी गाड़ियां हैं। इसके बावजूद 43 और जीप-कार की जरूरत बताई गई है। इनमें 30 वाहन थानों में पेट्रोलिंग के लिए चाहिए। इसके अलावा जजों के फॉलो पायलट, वीआईपी मूवमेंट और अन्य जरूरी ड्यूटी के लिए भी वाहनों की आवश्यकता है।जिले के 17 थानों और 3 चौकियों में 20 वाहन पेट्रोलिंग में लगाए गए हैं। ट्रैफिक थाने में 4 पेट्रोलिंग वाहन हैं। एक वाहन एसीसीयू और एक रेंज साइबर को दिया गया है। राजपत्रित अधिकारियों के पास भी एक-एक वाहन है। अधिकांश थानेदारों के पास अलग से सरकारी वाहन नहीं है।

अमन विहार में 30 मिनट देर से पहुंची पुलिस

कुछ दिन पहले अमन विहार में दो परिवारों के बीच विवाद हुआ था। रात करीब 10:30 बजे एक परिवार ने पुलिस को सूचना दी। उस समय पेट्रोलिंग वाहन तीन लोगों को मुलायजा कराने सिम्स ले गया था। टीआई के निर्देश पर वाहन को अमन विहार भेजना था, लेकिन पहले तीनों को वापस थाने लाया गया। इसके बाद टीम अमन विहार के लिए रवाना हुई और करीब 11 बजे पहुंची। तब तक विवाद शांत हो चुका था।

गाड़ी खराब हुई तो बदमाशों का पीछा नहीं कर सके

तोरवा के बापू नगर में करीब 20 दिन पहले रात 11:30 बजे पेट्रोलिंग कर रहे जवानों ने बाइक पर सवार तीन युवकों को गाली-गलौज करते हुए जाते देखा। तीनों नशे में बताए गए। पुलिस ने उनका पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन पेट्रोलिंग वाहन खराब होने के कारण बदमाशों को पकड़ने के लिए पीछा नहीं किया जा सका। घटना के बाद वाहन की मरम्मत कराई गई।

विधानसभा में भी उठा है वाहन खर्च का मुद्दा

पुलिस वाहनों और डीजल-पेट्रोल के खर्च का मुद्दा पिछले दो साल से विधानसभा में भी उठता रहा है। प्रदेश में पुलिस विभाग के पास 2618 हल्के, 720 मध्यम, 364 भारी वाहन और 6279 मोटरसाइकिलें उपलब्ध हैं। पिछले साल डीजल-पेट्रोल और मरम्मत समेत इन वाहनों पर करीब 350 करोड़ रुपए खर्च हुए। बिलासपुर में 3199 वाहनों पर 6.35 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद जिलों में आउटसोर्स वाहनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

वर्जन
विभाग को 40 से अधिक वाहनों की आवश्यकता है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। वाहन खरीदी होने पर बड़े थानों के साथ फॉलो पायलट सहित अन्य जरूरी ड्यूटी के लिए भी गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

पंकज पटेल
एएसपी सिटी बिलासपुर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *