निजी विवाद को सांप्रदायिक रंग देना बिलासपुर की अमन-चैन की पहचान के साथ खिलवाड़ : प्रियंका शुक्ला
बिलासपुर। शहर में हाल ही में सामने आई घटना को लेकर आम आदमी पार्टी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि एक निहायत निजी मामले को सांप्रदायिक तनाव का रूप देने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी का कहना है कि बिलासपुर शहर लंबे समय से आपसी भाईचारे, सौहार्द और अमन-चैन के लिए जाना जाता है, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व अपने राजनीतिक या निजी हितों के लिए माहौल बिगाड़ने का हथकंडा अपना रहे हैं।
आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने कहा कि किसी भी निजी विवाद या आपराधिक घटना को उसके वास्तविक तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। उसे धर्म का चश्मा पहनाकर समाज के दो वर्गों के बीच अविश्वास पैदा करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, “बिलासपुर की पहचान कभी सांप्रदायिक तनाव से नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और अमन-चैन से रही है। एक निजी मामले को सांप्रदायिक मुद्दा बनाकर शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कुछ स्वार्थी तत्वों का हथकंडा है। प्रशासन को ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
प्रियंका शुक्ला ने कहा कि सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों के माध्यम से आधी-अधूरी जानकारी फैलाकर माहौल को भड़काने की कोशिशों से बचना चाहिए। किसी घटना में यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे, लेकिन पूरे समुदाय को कटघरे में खड़ा करना या घटना को सांप्रदायिक रूप देना समाज के लिए बेहद खतरनाक है।
आम आदमी पार्टी बिलासपुर ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराई जाए तथा अफवाह फैलाने, भड़काऊ बयान देने अथवा जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वालों के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
पार्टी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी अपुष्ट सूचना को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। बिलासपुर की शांति और सामाजिक सद्भाव को किसी के निजी अथवा राजनीतिक स्वार्थ की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाना चाहिए।