कबीर आश्रम के पोस्टर फाड़े जाने की अमित जोगी ने की कड़ी निंदा
*छत्तीसगढ़ में नफ़रत और विभाजनकारी राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है – अमित*
*कबीर साहेब मानवता, सामाजिक समरसता और सद्भावना के महान प्रतीक – अमित*
रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कबीरधाम में संत कबीर आश्रम के पोस्टर फाड़े जाने की घटना का कड़े शब्दों में विरोध किया है। यह घटना न केवल कानून और व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक सद्भावना और आध्यात्मिक विरासत पर एक बर्दाश्त न किए जाने वाला हमला है।
जोगी ने इस बात पर गहरा दुख और क्षोभ व्यक्त किया कि यह घटना उसी जिले में हुई है, जिसे उनके पिता, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री अजीत जोगी जी ने, संत कबीर साहब के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए, उनके नाम पर “कबीरधाम” नाम दिया था। संत कबीर साहेब मानवता के लिए एकता, भाईचारे और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं।
इस घटना की गंभीरता और चिंता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि आरोपी एक भाजपा नेता हैं, जिन्हें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री का करीबी बताया जा रहा है। यह स्पष्ट रूप से भाजपा की “नफ़रत की राजनीति” और “विभाजनकारी एजेंडे” को उजागर करता है।
यह घटना केवल कागज के पोस्टर फाड़ने तक सीमित नहीं है। यह हमारी साझी सांस्कृतिक विरासत पर, आमजन की आस्था पर और छत्तीसगढ़ के कबीरपंथी समाज की भावनाओं पर हमला है।
अमित जोगी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), कबीरपंथी समाज और सभी सद्भावना रखने वाले नागरिकों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। हम मांग करते हैं कि इस घटना का तत्काल सख्त कार्रवाई के साथ संज्ञान लेते हुए, आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, कबीरपंथी समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना दोबारा न हो।
छत्तीसगढ़ की जनता ने हमेशा प्रेम, सद्भाव और समरसता का मार्ग चुना है। यहां नफरत और विभाजन की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। हम सभी प्रगतिशील और शांतिप्रिय नागरिकों से इस निंदनीय कृत्य का विरोध करने और छत्तीसगढ़ की साझा संस्कृति व अध्यात्म की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान करते हैं।