पाकिस्तान से बिलासपुर तक ड्रोन से पहुंच रहा है ड्रग्स….पुलिस ने बॉर्डर से पकड़ा हेरोइन सप्लाई का मास्टरमाइंड….पंजाब से ला रहे है आरोपी को बिलासपुर

बिलासपुर। पुलिस को ड्रग्स सप्लायर को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। मास्टरमाइंड को पुलिस बॉर्डर से गिरफ्तार करके बिलासपुर ला रही है। मास्टर माइंड को हेरोइन की सप्लाई पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से होती है और उसे वह बिलासपुर भेजता था। मास्टरमाइंड और उसके पूरे गिरोह को किसी आतंकवादी ग्रुप से जुड़े होने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस ने पूर्व में तीन लोगों से 34 ग्राम हेरोइन जप्त कर गिरफ्तार किया था।
बता दें कुछ दिन पहले ही चकरभाठा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने 34 ग्राम हेरोइन के साथ मोहित हिंदूजा 32, साल करन दीप सिंह 29 साल और आर. रजिंदर कुमार 35 साल को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में खुलासा हुआ था कि करन दीप सिंह दूसरे राज्य से मादक पदार्थ लाकर मोहित हिंदूजा को देता था और अपने साथी रजिंदर कुमार के साथ मिलकर ऊंची कीमत पर बेचता था। तीनों आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को हेरोइन सप्लाई चेन का अहम सुराग मिला। इसके बाद टीम पंजाब के तरनतारन जिले पहुंची और थाना खेमकरण क्षेत्र से मुख्य तस्कर बाला उर्फ बलराम सिंह सनियारे 63 को गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है और स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस टीम आरोपी को ट्रेन के जरिए बिलासपुर ला रही है। बताया जा रहा है कि जिस क्षेत्र से आरोपी पकड़ा गया है, वह अंतरराष्ट्रीय सीमा से बेहद करीब है। बताया जा रहा है कि भारत-पाक सीमा से कुछ दूरी पर है। पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में नशीले पदार्थ गिराए जाते हैं, जिन्हें बाद में देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता है। पुलिस को आशंका है कि त्योहार से पहले बड़ी खेप बिलासपुर पहुंच सकती है, जिसे त्यौहार और पार्टियों में खपाने की कोशिश हो सकती है।
*मुख्य तस्कर का बेटा भी गिरोह से जुड़ा,जेल में है बंद*
गिरफ्तार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया जा रहा है, जहां उसे एनडीपीएस कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी का बड़ा पुत्र भी मादक पदार्थ संबंधी मामले में जेल में बंद है। सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से सप्लाई की सूचनाएं भी जांच के दायरे में हैं, जिन्हें इस प्रकरण से जोड़कर परखा जा रहा है।
*नेटवर्क की पूरी परतें खोलने पर फोकस*
जांच अब केवल बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क की पहचान और उसकी आर्थिक कड़ियों को चिन्हित करने पर केंद्रित है। बिलासपुर तक यह खेप किन माध्यमों से पहुंची, इसमें कौन-कौन शामिल है और इसके पीछे का संरचित तंत्र क्या है इन सभी बिंदुओं पर वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
*पाकिस्तान से जुड़े हुए नेटवर्क को खंगालने और जुड़े हुए तार को पकड़ने में जुटी पुलिस*
पुलिस का दावा है कि इस मुख्य आरोपी से पूछताछ करने के बाद कुछ और खुलासे हो सकते है।हो सकता है और भी कुछ लोग उससे जुड़े हुए हो और कई लोग शामिल हो,क्योंकि यह नशा महंगा नशा है और इसे हर कोई नहीं कर सकता,बल्कि इसे रईसजादे लोग नशे के रुप के शौक से करते है।जिसकी खपत ज्यादा है। इसका इस्तेमाल बड़ी पार्टियों के ज्यादा किया जाता है।ताकि बड़े लोग इसका नशा कर सके।
*नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एंड-टू-एंड जांच*
पहले चरण में चकरभाठा पुलिस ने तीन आरोपियों को हेरोइन के साथ पकड़ा था। मोबाइल डेटा और व्हाट्सएप चैट के तकनीकी विश्लेषण से पंजाब कनेक्शन सामने आया, जिसके बाद विशेष टीम गठित कर सीमा क्षेत्र में दबिश दी गई और मुख्य सप्लायर तक पहुंच बनाई गई।जांच में यह भी सामने आया है कि सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन या बॉर्डर के पार से नशे की खेप फेंकी जाती है, जिसे स्थानीय स्तर पर इकट्ठा कर देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाया जाता है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एंड-टू-एंड जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
*जिले के एसएसपी का स्पष्ट संदेश*
जिले के एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा है कि मादक पदार्थ के मामलों में केवल कैरियर की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। सप्लाई के स्रोत और नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका सामने लाई जाएगी और मादक पदार्थ के खिलाफ अभियान इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।
वर्जन
मुख्य आरोपी गिरफ्तार हुआ है।जिसे बिलासपुर लाया जा रहा है।ड्रोन से पाकिस्तान से हेरोइन की सप्लाई करता है।जो उसके गांव से लगा हुआ है।
उमेश साहू
टीआई चकरभाठा थाना