Blog

बलराम जयंती सह कृषक दिवस एवं कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

बिलासपुर। कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर द्वारा कृषि विभाग बिलासपुर, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र बिलासपुर तथा कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में बलराम जयंती सह कृषक दिवस के अवसर पर कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा का सफल आयोजन किया गया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गीत शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के लगभग 70 कृषकों एवं कृषि महाविद्यालय के 20 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश तिवारी, महामंत्री, किसान मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी ने अपने उद्बोधन में कृषकों को प्राकृतिक खेती अपनाने तथा कृषि में रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण एवं आवश्यकता-आधारित उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सुरक्षित एवं स्वस्थ कृषि उत्पादन की दिशा में किसानों की भूमिका पर जोर दिया।कृषि विभाग के उपसंचालक एम. एल. तिग्गा ने कृषकों से अपनी कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिकों से संपर्क करने का आग्रह किया। उन्होंने पारंपरिक कृषि पद्धतियों एवं हल से जुताई करने वाले कृषकों की सराहना भी की।

कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे ने कृषकों को उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण अनाज की नवीन किस्मों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली गेहूं की किस्मों के महत्व की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयुक्त कृषि उत्पादों के उत्पादन पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने कृषकों को किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से अपने कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन एवं मूल्य संवर्धन के लिए प्रोत्साहित किया।

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. गीत शर्मा ने प्राकृतिक खेती में जीवामृत एवं बीजामृत के निर्माण तथा उनके उपयोग की तकनीक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों जैसे तिल, चना एवं तिवड़ा की उत्पादन तकनीक अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

इस अवसर पर केंद्र की कीट वैज्ञानिक डॉ. एकता ताम्रकार ने धान में तना छेदक की पहचान, रोकथाम एवं प्रबंधन के संबंध में कृषकों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. निवेदिता पाठक द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि शशांक शिंदे, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकगण डॉ. शिल्पा कौशिक, हेमकान्ति बंजारे, डॉ. अमित शुक्ला, जयंत साहू, डॉ. एकता ताम्रकार, इंजीनियर पंकज मिंज, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. चंचला रानी पटेल, सुशीला ओहदार सहित कृषि विभाग से विनोद साहू एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कृषकों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद स्थापित करते हुए खेती से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं उनके वैज्ञानिक समाधान पर चर्चा की गई। कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा ने किसानों को नवीन एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषकों के बीच तकनीकी समन्वय को और मजबूत किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *