प्रमोशन में घोटाले की एनपीजी की खबर के बाद छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन की निकाली शव यात्रा, तेरही भोज तक होगा प्रदर्शन

उच्च शिक्षा विभाग में प्रमोशन घोटाले को लेकर एनपीजी ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से प्रमोशन की खबर प्रकाशित होने के बाद छात्र संगठनों के साथ छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। भ्रष्टाचार-घोटाले का आरोप लगा कर उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रबंधन का छात्रों ने शव यात्रा निकाली है। बिना टेंडर खरीदी, भर्ती, और नियमित कुलसचिव की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन हुआ है। इस दौरान यूनिवर्सिटी से कुलपति सहित प्रबंधक नदारद रहे और गेट के सामने घंटों प्रदर्शन होता रहा।

बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ छात्र संगठन एनएसयूआई ने छात्रों के साथ आज गुरुवार को प्रदर्शन किया। एनपीजी ने 8 माह में दो बार डीपीसी कर सहायक कुलसचिव से चार लोगों को उप कुल सचिव के पद पर नियम विरुद्ध तरीके से प्रमोशन देने के मामले में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद आज एनएसयूआई ने छात्रों के साथ विश्वविद्यालय का घेराव कर उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन की शव यात्रा निकाली।

एनएसयूआई ने शैक्षणिक पदों की भर्ती में गड़बड़ी, वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर कुलपति सहित अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तुरंत जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2024-25 में शैक्षणिक पदों की भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षित पदों को भरा हुआ दिखाकर गलत आरक्षण रोस्टर तैयार किया गया और 14 जून 2024 को विज्ञापन जारी किया गया। कुछ पदों पर जल्दबाजी में साक्षात्कार कराकर नियुक्तियां भी कर दी गईं, जबकि मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि कुलपति को छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-52 के तहत हटाया जाए और अन्य दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
बिना टेंडर फर्म को वर्क ऑर्डर, करोड़ों भुगतान:–
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है। 2023 में बिना टेंडर निजी फर्म को वर्क ऑर्डर देकर करोड़ों रुपये चुकाए गए। 2022 में आईयूएमएस लागू करने के लिए बिना टेंडर 50 लाख रुपये अग्रिम दिए गए, कार्य असंतोषजनक रहा, फिर बिना निविदा एमआईसीएस भोपाल को वर्क ऑर्डर दिया गया। ऑडिट आपत्तियों के बावजूद करोड़ों रुपये का भुगतान जारी है।
बिना अनुमति विदेश यात्रा, फंड का दुरुपयोग:–
एनएसयूआई ने कुलपति ए.डी.एन. बाजपेयी पर विश्वविद्यालय धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। बिना अनुमति विदेश यात्राएं, बजट से स्वयं का प्रचार, पोस्टर-बैनर और कविताओं के पाठ में निधि खर्च की गई। उप कुलसचिव शैलेन्द्र दुबे की पदोन्नति को नियम विरुद्ध बताकर इसे निरस्त करने की मांग की गई, जिसमें उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत बताई गई है।
तेरही भोज के साथ प्रदर्शन का होगा समापन:–
एनएसयूआई के छात्रनेता पुष्पराज साहू ने बताया कि यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार चरम पर है। शासन यदि कार्रवाई नहीं करती तो 13 दिन तक दशगात्र-मुंडन से तेरहवीं भोज तक कार्यक्रम चलेगा, फिर भी कार्रवाई न हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान प्रदीप सिंह, करन यादव, सुमित ठाकुर, राजा खान, विनीता विश्वकर्मा, यशोदा वारे, ओमप्रकाश मानिकपुरी, मीत सोनवानी, जीतू ठाकुर, वेद राजपूत, विकास बनर्जी, श्यामशेखर, दीपक, बलराम, सोल्जर सोनवानी, राहुल मानिकपुरी, गजेंद्र यादव, भोलू मानिकपुरी, करन पटेल सहित अन्य छात्र प्रदर्शन में शामिल रहे।