मानक से ज्यादा था रंग मोमोज में…

दिए निर्देश सुधार के निर्देश
कोंडागांव- मोमोज में रंग मानक से ज्यादा था। दी समझाईश। त्रुटियां थीं गुपचुप, चाऊमीन, इडली, डोसा बनाने और विक्रय के तरीकों में। लिहाजा सुधार के निर्देश दिए गए।
“सही दवा, शुद्ध आहार, यही है छत्तीसगढ़ का आधार”। इस थीम के साथ 15 दिवसीय जांच अभियान के पहले दिवस खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच टीम ने स्ट्रीट फूड काउंटरों का निरीक्षण किया। निशाने पर गुपचुप, मोमोज ठेले रहे।

दी समझाईश
प्रारंभिक परीक्षण में मोमोज में रंग की मात्रा मानक से ज्यादा मिली। सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है यह मात्रा। इसलिए संबंधित विक्रेता को समझाया गया। जानकारी दी मानक मात्रा की। इसी तरह गुपचुप, चाऊमीन, इडली और दोसा के काउंटरों की भी सघन जांच की गई। त्रुटियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए।

ऑर्डर पर ही करें तैयार
प्याज, टमाटर और धनिया पत्ती। अहम हैं इन तीनों की मौजूदगी स्ट्रीट फूड काउंटर, होटल, ढाबों और रेस्टोरेंटों में। नया बदलाव यह कि ऑर्डर की सप्लाई देने के दौरान ही यह काटे जाएंगे। यानी पहले से ही काटकर रखने की व्यवस्था पर कड़ी बंदिश इसलिए लगाई गई क्योंकि काटे जाने के बाद यह जल्द खराब हो जाते हैं।

ध्यान व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी
खान- पान सामग्री के परिवहन, भंडारण, निर्माण और विक्रय स्थल के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता की भी जांच की जा रही है क्योंकि स्ट्रीट फूड काउंटरों में इसके पालन को लेकर गंभीरता नजर नहीं आती। इसलिए जांच के शुरुआती दौर में संचालकों को हैंडग्लब्स, हैडकैप, मास्क, एप्रन और दूसरी ज़रूरी सामग्रियों की अनिवार्यता की जानकारी दी गई।
वर्जन
मानक से ज्यादा मात्रा में रंगों का उपयोग सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। आवश्यक दिशा निर्देश स्ट्रीट फूड काउंटरों को दिए गए हैं। जांच अभियान में होटल ढाबे और रेस्टोरेंटों का भी निरीक्षण किया जा रहा है।
-रोशन वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कोंडागांव