मुख्य वन सरक्षक बिलासपुर वृत्त से वार्ता विफल -संघ करेगा आंदोलन का विस्तार

बिलासपुर ।वन विभाग में लगातार मनमाना अटैचमेंट करना कहीं भी कभी भी कर्मचारियों का तबादला का देना मन मुताबिक कार्यकर्ता शासन आदेशों को नजर अंदाज कर अपने नियम बनाकर कार्य करने की शैली दिखाई देने लगी है , संभाग में अनेकोणमामला लगातार सामने आने से प्रदेश लिपिक संघ ने मामले को सज्ञान में लेकर मुख्य वन सरक्षक महोदय के नाम से पत्राचार करने उपरांत आज सायं में अधिकारी से मुलाकात कर नियम विरुद्ध हो रहे अटैचमेंट को समाप्त करने निवेदन किया किंतु अधिकारी के अढ़्याल रवैये अपना कर संघ के निवेदन को अस्वीकार कर दिया गया जिससे संघ पदाधिकारी सदस्यों ने विचारोपरांत निर्णय लिया कि वे कर्मचारी हित में आगे आंदोलन का विस्तार करेंगे इनके रवैये से ऊपर के कार्यालयों को अवगत कराया जावेगा साथ ही माननीय मुख्य मंत्री जी एवम वन मंत्री जी से सौजन्य मुलाकात कर न्याय की माँग करते हुवे अधिकारी के क्रिया क्लापो से अवगत कराया जावेगा।
आज तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश महामंत्री डा सुनील कुमार ,हेमन्त बघेल और जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप ने मुख्य वन सारक्षक बिलासपुर वृत्त से मुलाक़ात कर कर्मचारियों की समस्यायों को सामने रखकर बीच का रास्ता अपनाने निवेदन किया जिसे अधिकारी ने एक शिरे से अस्वीकार कर दिया ।
इस सबंध में डा सुनील कुमार ने बताया कि हमने वन सरक्षक महोदय के नाम से दिनांक 13.05.2026 को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया था की उनके मातहत कर्मचारी सुरेंद्र यादव को बिल्हा से वन वृत्त बिलासपुर बिना कर्मचारी के सहमति से शासन नियमित के विपरीत नियमों को ताक में रखकर अटेच मेंट किया है जिसे निरस्त किया जावे इसके अलावा बिलासपुर संभाग में और अन्य मामले भी ऐसे ही और है जिसे कर्मचारी हित में आवेदन शीलता का परिचय देकर समाप्त किया जाना चाहिए जिसे अधिकारी ने आज हुवे सौजन्य मुलाकात में नियम विरुद्ध अटैचमेंट को निरस्त करने के बजाय कर्मचारी पर कार्यवाही करने की बात करने लगे ।
इस सन्नद्ध में सूर्य प्रकाश कश्यप ने कहा कि अधिकारी के इस अड़यल रवैये से और कर्मचारी विरोधी कार्य करने को लेकर संघ अब आंदोलन का रास्ता अपनाने मजबूर हो गया है हम जल्द ही चरण बद्ध आंदोलन की घोषणा कर्मचारियों की मंशा अनुरूप जल्द ही करेंगे और ऐसे अधिकारी के पूर्व के कार्यो के साथ कर्मचारी विरोधी नीति का पर्दाफाश करते हुए उग्र आंदोलन करने मजबूर है ।