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म्यूल अकाउंट के माध्यम से साइबर क्राइम करने वाले पर दुर्ग पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी, साइबर ठगी की रकम खपाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 02 फरार म्यूल खाताधारक गिरफ्तार

▪️ कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराने वाले 02 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
▪️ प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर दोनों आरोपियों की भूमिका साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में सामने आई।
▪️ आरोपियों द्वारा 2,000 से 15,000 रुपये तक के कमीशन/प्रतिफल के बदले बैंक खातों से संबंधित सामग्री अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराई गई थी।
▪️ थाना सुपेला एवं एसीसीयू की टीम द्वारा प्रकरण की विवेचना के दौरान फरार आरोपियों की पतासाजी कर दिनांक 06.09.2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।

थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 718/2026 में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन एवं हस्तांतरण के लिए म्यूल बैंक खातों के उपयोग की जांच के दौरान 02 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

दुर्ग।पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों एवं साइबर ठगी में उपयोग किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 718/2026, धारा 317(2), 318(4), 3(5) बीएनएस की विवेचना के दौरान ऐसे बैंक खातों की जांच की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण के लिए किया गया था।

विवेचना में प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन के विश्लेषण एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका सामने आई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा स्वयं के तथा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड कमीशन/प्रतिफल के बदले अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे।

पूछताछ एवं विवेचना में यह भी सामने आया कि संबंधित बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों के माध्यम से स्थानांतरित एवं प्राप्त करने में किया गया। आरोपियों द्वारा धनराशि के लालच में बैंक खाते एवं उनसे संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।

प्रकरण की विवेचना के दौरान फरार चल रहे दोनों आरोपियों की पतासाजी कर थाना सुपेला एवं एसीसीयू की टीम द्वारा दिनांक 06.09.2026 को उन्हें गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्यवाही की गई।

मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)

आरोपियों द्वारा कमीशन/प्रतिफल के लालच में बैंक खाताधारकों से बैंक खाते से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड प्राप्त कर अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए जाते थे। इन बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन एवं विभिन्न खातों में हस्तांतरण के लिए किया गया।

घटना स्थल

थाना सुपेला क्षेत्र, जिला दुर्ग से संबंधित प्रकरण। साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में प्रयुक्त बैंक खाते पंजाब नेशनल बैंक एवं इंडियन ओवरसीज बैंक, तिल्दा, जिला रायपुर से संबंधित पाए गए।

आरोपी का नाम

  1. यशपाल सिंह उर्फ लक्की पाजी, उम्र 38 वर्ष, निवासी रामनगर, नवनीत डेयरी के पीछे, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग।
  2. हेमत दास दखानी, उम्र 50 वर्ष, निवासी बैंक ऑफ इंडिया के पीछे, सिंधी कॉलोनी, पानी टंकी के पास, तिल्दा, जिला रायपुर।

जप्त सामग्री

  1. बैंक पासबुक।
  2. एटीएम कार्ड।
  3. चेकबुक।
  4. सिम कार्ड।
  5. मोबाइल फोन।
  6. अन्य संबंधित दस्तावेज।

सराहनीय कार्य

उक्त कार्यवाही में थाना सुपेला एवं एसीसीयू की विवेचना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम द्वारा बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण एवं आरोपियों की पतासाजी करते हुए फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम कार्ड कमीशन या किसी अन्य लालच में उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधियों द्वारा ऐसे खातों का उपयोग ठगी की रकम के लेन-देन में किया जा सकता है, जिसके कारण खाताधारक भी कानूनी कार्यवाही के दायरे में आ सकते हैं।

यदि आपके बैंक खाते अथवा बैंकिंग दस्तावेजों का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत उपयोग किए जाने की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर पुलिस को सूचना दें तथा ऑनलाइन/लिखित शिकायत की प्राप्ति सुरक्षित रखें।

आपका बैंक खाता आपकी जिम्मेदारी है। बैंक खाते का दुरुपयोग रोककर साइबर अपराध की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करें।

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