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राजस्व मंडल की लापरवाही: ऑनलाइन चालान के ‘हेड’ में हुई चूक, आबकारी विभाग के खाते में पहुंचा नकल का पैसा

​बिलासपुर:-छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल में इन दिनों एक अजीबोगरीब प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। 1 अप्रैल से लागू हुई नई ऑनलाइन चालान व्यवस्था में अधिकारियों की एक बड़ी लापरवाही के कारण पक्षकारों को प्रकरणों की नकल नहीं मिल पा रही है। तकनीकी चूक ऐसी है कि नकल के लिए जमा किया गया पैसा राजस्व विभाग के बजाय आबकारी विभाग के खाते में जमा हो गया है।

​मैनुअल से ऑनलाइन होते ही बिगड़ा गणित:-

​नियमों के मुताबिक, पहले मैनुअल आवेदन के साथ कलेक्ट्रेट स्थित कोषालय से कॉपिंग टिकट आसानी से प्राप्त हो जाता था। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से शासन ने कॉपिंग टिकट के लिए ऑनलाइन चालान अनिवार्य कर दिया। इस प्रक्रिया के दौरान राजस्व मंडल के नकल शाखा के अधिकारियों ने ऑनलाइन आवेदन में गलत ‘हेड’ यानि खाता संख्या दर्ज कर दिया। नतीजा यह हुआ कि पैसा डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार के मद में जाने के बदले आबकारी विभाग के खाते में ट्रांसफर हो गया।

​फरियादी परेशान, कार्यालय में लगा आवेदनों का ढेर:-

​इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण पिछले तीन हफ्तों से राजस्व मंडल से एक भी प्रकरण की नकल जारी नहीं की गई है। कॉपिंग टिकट उपलब्ध न होने के कारण दूर-दराज से आने वाले फरियादी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। हालत यह है कि नकल शाखा में आवेदनों के ऊपर आवेदन जमा होते जा रहे हैं, लेकिन टिकटों के अभाव में कर्मचारी काम आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं।

​बुधवार को समाधान की उम्मीद:-

​मामले की जानकारी होने के बाद अब विभाग ने सुधार की कवायद शुरू की है। बताया जा रहा है कि अब सही हेड में पैसा जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यदि सब कुछ ठीक रहा, तो आगामी बुधवार को कोषालय से नए कॉपिंग टिकट जारी हो जाएंगे। इसके बाद ही लंबित सैकड़ों आवेदनों पर कार्यवाही शुरू हो सकेगी।

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