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उज्ज्वला और कामर्शियल सिलिंडर गैस सिलेंडरों से चल रहा था अवैध कारोबार,दो सप्लायर गिरफ्तार…. खाद्य विभाग गहरी नींद में सोता रहा इधर तोरवा पुलिस की छापेमारी में गैस सिलेंडरों का बड़ा जखीरा बरामद

बिलासपुर । तोरवा इलाके में पुलिस ने अवैध सिलेंडर सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ कर बड़ी कार्रवाई की है। हेमू नगर के एक मकान में छापेमारी के दौरान पुलिस को 86 से ज़्यादा घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर मिले हैं,जिनका अवैध भंडारण कर सप्लाई की जा रही थी।इसमें ज्यादातर सिलेंडर उज्ज्वला गैस वाले है।

दरअसल तोरवा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की हेमू नगर के एक मकान में कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी धड़ल्ले से करते है।
जो महंगे दामों में होटलों और केटरर्स
वालो को सप्लाई करते है।खबर पाकर
तोरवा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मकान में  दबिश देकर मौके से  दो सप्लायर सुनील थारवानी और अजय मेघानी को हिरासत में लिया।पकड़े गए दोनों आरोपी के घर  की जब तलाशी ली गई तो खुद पुलिस के होश उड़ गए।पुलिस के देखा कि कमरे में गैस सिलेंडर का ज़ख़ीरा रखा हुआ है।जिसमें उज्ज्वला गैस और कामर्शियल सिलिंडर भी रखा हुआ है।सिलिंडर की गिनती करने पर टोटल 86 सिलेंडर मिले है।पुलिस ने जब दोनों आरोपियों से पूछताछ किया तो दोनों ने कुछ नहीं बताया बल्कि चेहरा छिपाने लगे।

*सिलिंडर के नहीं है किसी तरह के कोई कागजात*

पुलिस ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर भंडारण एवं बिक्री के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत नही किये गए हैं। घरेलू गैस सिंलेडर  86 नग गैस सिलेंडर जिसमें 43 नग भरा हुआ एवं 43 नग खाली को दोनो के कब्जे जप्त किया गया हैं।आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के विपरीत अधिक लाभ अर्जित करने के लिए ब्लेक में घरेलू सिलेंडर विक्रय करना पाया गया
है।

*होटल और कैटरर्स वालो को महंगे दामों में करते है सप्लाई*

पुलिस ने बताया कि रेलवे क्षेत्र, होटलों और शहर के कई इलाकों में अवैध रूप से सिलेंडर पहुंचाते थे।इससे उनको ज्यादा रकम मिलता है और कुछ लोगो को 1100 से लेकर 1200 में भी सिलेंडर देते थे।इससे उनको अच्छी खासी आमदनी होती थी।

*उज्ज्वला योजना और कॉमर्शियल के अलावा सामान्य सिलिंडर भी बरामद*

पुलिस ने बताया कि बरामद सिलेंडरों में उज्ज्वला योजना के सिलेंडर भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।इसके अलावा सभी कम्पनी के सिलिंडर मिले है।जिसकी जांच जारी है। सिलेंडरों को ‘छोटा हाथी’ वाहन में लगातार तीन फेरे लगाकर थाने लाया गया।

*राजनीतिक एप्रोच लगाकर छुड़ाने की कोशिश*

कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी और राजनीतिक लोग पुलिस पर दबाव बनाकर आरोपियों को छुड़ाने की भरपूर  कोशिश करते नजर आए।यहां तक लेनदेन करने मामले को रफा  दफा करने की भी जुगाड लगाए रहे।लेकिन इस बीच पुलिस ने किसी की नहीं सुनी बल्कि सिलिंडर जब्त करके थाने ले आई।

*खाद्य विभाग के अफसरों की मिली भगत होने आशंका*

सूत्र बता रहे है कि इसमें  खाद्य विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत होने की आशंका है। जिसके कारण लंबे समय से यह खेल चला रहे थे।
तभी तो आमजनों को सिलेंडर का नम्बर लगाने के लिए 21 दिनों का इंतजार करना पड़ता है और कालाबाजारी करने वालो को तत्काल सिलिंडर मिल जाता है।

*पुलिस बोली,नेटवर्क खंगाल कर और भी लोगो पर होगी कार्रवाई*

पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है और संबंधित विभागों से रिकॉर्ड मंगवाकर बड़े स्तर पर जांच शुरू कर दी है। आगे और नाम सामने आने की उम्मीद है।

*हॉकर खेलते है पूरा गेम,चंद पैसों के लालच में पलटी करते है सिलेंडर*

सूत्र बता रहे है कि हॉकर और कम्पनी के मैनेजर से सेटिंग होने के कारण सिलेंडर की आफरा तफरी होती है।आमजनों को बिना कार्ड के सिलिंडर नहीं मिलता है।और जब नम्बर लगाओ तो 21 दिनों का समय लगता है।और कालाबाजारी करने वालो को आसानी से चंद पैसों के लालच में मिल जाता है।जिसमे कोई एक व्यक्ति नहीं बल्कि कई लोग शामिल है।जिसे एक चैन के नाम से भी जाना जाता है।

*उज्ज्वला गैस को कई लोग सस्ते दामों में बेच दिए है व्यापारियों को*

सूत्र बता रहे है कि सरकार ने गरीबों को गैस सिलेंडर दिया और कई लोग सिलेंडर को व्यापारियों के हाथों में रकम के लालच में बेच दिए है।जिसके कारण व्यापारी एक एक करके भारी मात्रा में सिलिंडर को एकत्रित करके धंधा करने लगे है।जिसमें अन्य कंपनी के सिलिंडर भी शामिल है।

*खाद्य विभाग के नाक के नीचे सिलिंडर की कालाबाजारी*

जिले के खाद्य विभाग की नाक के नीचे होने वाले सिलेंडर के गोरख धंधा को पुलिस ने बेनकाब कर दिया है।जिसमें खाद्य विभाग खुद शक के दायरे में आ गया है।जिसमें दावा किया का रहा है कि सिलिंडर बिना किसी सेटिंग के नहीं मिल सकता।इसमें जरूर हॉकर,एजेंसी के कर्मचारी और अन्य कुछ लोग शामिल होंगे, जिनका महीना पैसा बंधा होगा।इसलिए कार्रवाई नहीं होती है।लेकिन बुधवार को हुई कार्रवाई ने खाद्य विभाग की पोल खोल दी है।

*उज्ज्वला गैस वाले ग्राहकों को मिलता है 500 के एक सिलिंडर*

सूत्र बता रहे है कि उज्ज्वला गैस कन्पयोग करने वालो को एक सिलिंडर 500 में मिलता है और इसके लिए सरकार उन्हें सब्सिडी देती है।ताकि गरीब परिवार भी गैस सिलेंडर से खाना बना सके।इसी का फायदा उठाकर कई गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले परिवारों से सांठ गांठ करके गैस सिलिंडर के कारोबारी
उनके नाम से बुक करके ओटीपी लेकर सिलिंडर को खुद लेते है और बाहर ब्लैक के बीच देते है।इस तरह से एक नहीं बल्कि 50 ने अधिक गरीबी रेखा कार्ड धारियों को एकत्रित करके ब्लैक
में सिलिंडर बेचने का कारोबार किया जाता है।

*ऑटो चालक और घर घर पहुंचाने वाले से सेटिंग*

पुलिस ने बताया कि जब पकड़े  गए दोनों आरोपियों से पूछताछ किया गया तो उन्होंने बताया कि ऑटो चालक और घर घर जाकर सिलिंडर बेचने वाले से सेटिंग करके उनको अधिक रकम  सिलिंडर ले लेते हेयर उसके बाद अधिक दामों में दुकानों में बेचने का कारोबार हमारा रहता था।जिसके माध्यम से यह गैस सिलेंडर की  कालाबाजारी करते है।

वर्जन
सिलिंडर को भारी मात्रा में बरामद किया गया है।दो आरोपी भी पकड़ाए है।मामला खाद्य विभाग को सौंप दिया गया है।

अभय बैस
टीआई तोरवा थाना

वर्जन
मामला गंभीर है और एजेंसी वालो को नोटिस भेजकर जांच की जाएगी।सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले तस्करों को बिल्कुल नहीं बक्शा जायेगा।

अमृत कुजूर
खाद्य अधिकारी बिलासपुर

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