संपत्ति रजिस्ट्रेशन, नक्शा पास कराने और नियमितीकरण को लेकर आमजनों की परेशानियां बढ़ी
4600 परिवारों की उम्मीदें अब भी नियमितीकरण की मुहर पर टिकी
बिलासपुर । संपत्ति रजिस्ट्रेशन, नक्शा पास कराने और नियमितीकरण को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है 4 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं लेकिन निगम के नियमितीकरण समिति की बैठक नहीं हो पा रही। नियमितीकरण और नक्शा पास करने के नाम पर अधिकारियों पर घूसखोरी के आरोप भी लग रहे हैं। अब इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है
दरअसल शहर में हजारों लोग अपने मकान और संपत्ति के नियमितीकरण के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। नक्शा पास कराना टेढ़ी खीर बन गया है दरअसल पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जुलाई 2022 से अगस्त 2023 तक भवन मालिकों से आवेदन मंगाए थे इसी दौरान 9451 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से आधे आवेदनों पर विचार किया गया और नियमितीकरण किया गया लेकिन उसके बाद भी 4600 आवेदन अब तक लंबित हैं 2023 के बाद न तो अब तक नियमितकरण समिति की बैठक हो पाई है और न ही नए आवेदन मांगे गए हैं अगर नए आवेदन मांगे गए तो फिर से इनकी तादाद हजारों की संख्या में होगी। इनमें भी सबसे ज्यादा संख्या उन क्षेत्रों की है जो ग्राम पंचायत बीते सालों नगर निगम में शामिल हुए लंबित 4600 मामलों में से आधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के पास हैं आधे निगम की भवन निर्माण शाखा के पास लेकिन बैठक ना हो पाने के कारण सभी लंबित हैं। इस मामले को लेकर अब राजनीति भी गरमाने लगी है। नगर निगम में लंबे समय से हजारों मामले लंबित हैं और अधिकारी बैठक नहीं कर पा रहे है।जिससे आम लोग परेशान हैं।
नियमितिकरण न हो पाने से लोग बुरी तरह परेशान हैं कभी अवैध निर्माण करार देकर उनके भवन पर करवाई होती है तो कहीं उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इसलिए हजारों की तादाद में शहर वासी इसी उम्मीद में है कि नियमितीकरण समिति की बैठक जल्दी हो और प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल हजारों फाइलें लंबित हैं और लोग राहत का इंतजार कर रहे हैं।
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कट-ऑफ डेट से पहले के मामलों का ही नियमितीकरण किया जाएगा। हर आवेदन का मौके पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा रहा है। निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की टीम चेकलिस्ट के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। और योग्य मामलों को ही मंजूरी मिलेगी।
संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर
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वे भी चाहते हैं नियमितीकरण जल्द हो ताकि जनता को राहत मिल सके। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है।
पूजा विधानी, महापौर, बिलासपुर