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महमंद उपार्जन केंद्र में अवैध वसूली का आरोप,किसान ने की कलेक्टर से कार्रवाई की मांग

धान में नमी–कचरा बताकर पैसे की मांग!

बिलासपुर ।महमंद सेवा सहकारी समिति में किसानों से अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम महमंद के कृषक राजू यादव ने कलेक्टर  को शिकायत देकर बताया कि 25 नवंबर  को वह अपना धान 110  बोरी लेकर उपार्जन केंद्र महमंद में बेचने के लिए गया  हुआ था। किसान का आरोप है कि केंद्र में पदस्थ सेल्समेन शत्रुघ्न पटेल ने उनके धान को जमीन पर गिरवाकर गलत तरीके से नमी और कचरा होने की बात कही,जबकि धान पूरी तरह मानक के अनुरूप था। शिकायतकर्ता के अनुसार सेल्समेन ने धान लेने के बदले 3000 रुपए कमीशन देने की मांग की और अवैध राशि देने से मना करने पर उनका धान लेने से इंकार कर दिया।
किसान ने यह भी बताया कि उसी समय एक अन्य कृषक से भी इसी प्रकार नमी–कचरा बताकर पैसे की मांग की गई, और 3000 रुपए  देने पर उसका धान स्वीकार कर लिया गया। किसान का कहना है कि समिति में पदस्थ कर्मचारी किसानों के साथ निरंतर शोषण कर अवैध उगाही कर रहे हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त खर्च व आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।किसान
राजू यादव ने मामले की जांच कर संबंधित सेल्समेन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय पर कार्यवाही नहीं हुई तो कई किसान धान विक्रय से वंचित रह जाएंगे।

*कलेक्टर से शिकायत कर ऑडियो भी सुनाया*

किसान राजू यादव का कहना है कि उसने पैसा नही दिया तो उसके धान को अमानक बता दिया है और दूसरे किसान के जब पैसा दिया तो उसके धान की खरीदी हो गई।जिसकी रिकार्डिंग ऑडियो भी शामिल है।पीड़ित किसान ने अपने साथ हुए अन्य किसान से बातचीत का आडियो भी कलेक्ट्रेट में सुनाया है।जिसमें राजू यादव दूसरे किसान से बात कर रहा है और वह किसान खरीदी केंद्र में 3000 देने का दावा कर रहा है।

*प्रबंधक के हाथों में भी रहता है धान खरीदी का खेल*

किसान ने बताया कि जिनको जल्दी धान  बेचना है और किसी की सेटिंग है तो वह धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक से संपर्क करके अपना धान बेच सकता है।कुछ चीज उनके हाथों में रहता है।और इसी बीच अगर कम धान आया तो वह बीच में टोकन काटकर अन्य किसानों का धान खरीद लेते है।जिसमें किसान भी खुश रहता है और प्रबंधक भी अधिक कमीशन लेकर खुश रहता है।इससे दोनों को फायदा मिलता है।

*कई समितियों में दलालों का खेल*

किसान बताते है कि ऐसी कई समितियां है जिसमें दलाल रहते है जिनका काम किसानों से सेटिंग करना रहता है ।और मौके का फायदा उठाकर किसानों से किसी न किसी बहाने एक्सट्रा रकम ऐंठ लेते है।और इसकी भनक किसी को नहीं लगती है।

*नमी,वाले धान की नहीं होती है खरीदी*

किसान ने बताया कि धान खरीदी के 13%
तक खरीदी होती है उसके ऊपर रहता है तो धान खरीदी केंद्र से धान वापस हो जाता है।
इसलिए धान ज्यादा लेते है ताकि सुखद हुआ तो उसकी भरपाई
कर सके।इसके लिए किसानों से एक बोरी के कम से कम 4 किलो ज्यादा लिया जाता है।

वर्जन
किसान से शिकायत मिली है जिसकी जांच की जा रही है।

आशीष दुबे
नोडल अधिकारी बिलासपुर

वर्जन
धान खरीदी के पैसा मांगने की शिकायत गंभीर है।इसकी जांच होगी।

अमृत कुजूर
खाद्य अधिकारी बिलासपुर

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