डिलीवरी के बाद पेट में धागा छोड़ने के आरोप की जांच शुरू
अपोलो की डॉक्टर को तलब
बिलासपुर। तोरवा स्थित पेंडलवार नर्सिंग होम में सिजेरियन डिलीवरी के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल धागा छोड़े जाने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। गुरुवार को नर्सिंग होम के डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए, जबकि अपोलो अस्पताल की महिला डॉक्टर को सोमवार को बयान के लिए बुलाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजौर बहतराई निवासी रेखा सूर्यवंशी को 12 जून को प्रसव के लिए पेंडलवार नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि डिस्चार्ज के बाद महिला को लगातार पेट दर्द, उल्टी और अन्य तकलीफें होती रहीं। शिकायत करने पर भी समस्या को सामान्य बताकर घर भेज दिया गया।
बाद में हालत बिगड़ने पर महिला को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोबारा ऑपरेशन किया गया। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट से चार से पांच सर्जिकल धागे निकाले गए।
वहीं, पेंडलवार नर्सिंग होम की डॉ. स्नेहा पेंडलवार ने जांच में बताया कि ऑपरेशन के दौरान शरीर के भीतर उपयोग होने वाले घुलनशील सर्जिकल धागे का इस्तेमाल किया गया था, जो सामान्यतः 60 से 90 दिनों में शरीर में घुल जाते हैं। उन्होंने पेट में धागों का गुच्छा मिलने के आरोपों से इनकार किया है।
सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। जांच अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी ने बताया कि अपोलो अस्पताल की डॉ. सोफिया सुल्ताना को सोमवार को बयान के लिए तलब किया गया है।