सावन: शांत है चंदन और बंदन

– पूजा सामग्रियों को मांग का इंतजार
बिलासपुर- शांत है चंदन और बंदन। ठहरी हुई है डिमांड रोली और गुलाल में। यह तब, जब सावन के आगमन में पखवाड़े भर का समय शेष रह गया है।
शिवालयों में तैयारी चालू हो चली है लेकिन पूजा-पाठ के लिए जरूरी सामग्रियों में खरीदी तो दूर, पूछ-परख तक नहीं है। आशंका बेहद कमजोर उपभोक्ता मांग की व्यक्त की जा रही है।

समर्थन नहीं खरीदी का
बेहद कमजोर मांग है चंदन में। स्थिरता के दौर में पूर्ववत कीमत यानी 10 से 100 रुपए डिब्बी पर शांत है। मंगलवार और शनिवार को विशेष मांग में रहने वाला बंदन मजबूत है 250 से 400 रुपए किलो जैसी कीमत पर। शहरी मांग तो साधारण है लेकिन पहली बार ग्रामीण मांग सिरे से गायब है।
यह चार कर रहे इंतजार
रोली 300 से 600 रुपए किलो और गुलाल 70 से 140 रुपए किलो पर शांत है। तेजी की धारणा नहीं है। जनेऊ एक रुपए से 10 रुपए पर शांत है, तो रुई की बत्तियां 10 से 60 रुपए पैकेट जैसी स्थिर कीमत पर ठहरी हुई है। मांग इन चारों सामग्रियों में भी नहीं के बराबर है।
ग्रामीण मांग नहीं
कमजोर बारिश ग्रामीण क्षेत्र की खरीदी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। शनिवार और मंगलवार जैसे विशेष दिन की शहरी मांग ने थोड़ी बहुत निरंतरता बनाए रखी है। कमजोर मानसून के पूर्वानुमानों पर ध्यान रखते हुए पहली बार पूजा पाठ की सामग्रियों के भंडारण से संस्थानों ने दूरी बनाए रखी।