
भक्ति और मित्रता का अनुपम संगम

बिलासपुर।अशोक नगर में।रहने वाली आरती दुबे के निवास श्रीराम विहार में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। यह आयोजन आरती दुबे द्वारा अपने पति स्व. सनत कुमार दुबे (मोहलाईन वाले) के वार्षिक श्राद्ध के अवसर पर शांति और मोक्ष की कामना हेतु आयोजित किया गया था, जिसमें कौशल्या देवी साय ने अपनी श्रद्धापूर्ण उपस्थिति दी।

इस सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का वाचन पंडित नीरज भूषण मिश्र (सीपत अकलतरी वाले) द्वारा किया जा रहा है, जिनकी भावपूर्ण शैली और गूढ़ व्याख्याएं श्रोताओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर रही हैं।
शाम 4:30 बजे उनका आगमन हुआ और वे देर शाम 7:45 बजे तक कथा स्थल पर उपस्थित रहीं। इस पूरे समय उनकी भक्ति और आध्यात्मिक लीनता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही थी। यह न केवल उनकी मित्रता का प्रतीक था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों में आस्था और भक्ति का भाव एक-दूसरे को जोड़ता है।
श्रीमद् भागवत महापुराण का यह आयोजन आध्यात्मिक शांति और पुण्य अर्जित करने का एक सशक्त माध्यम है, और ऐसे में एक प्रमुख जनप्रतिनिधि की उपस्थिति समाज में एक सकारात्मक संदेश देती है। श्रीमती कौशल्या देवी साय की उपस्थिति ने न केवल श्रीमती आरती दुबे के प्रति उनके स्नेह और समर्थन को दर्शाया, बल्कि यह भी रेखांकित किया कि समाज के प्रत्येक वर्ग में ऐसे धार्मिक आयोजनों का कितना गहरा महत्व है। उनकी सहजता, श्रद्धा और धार्मिक निष्ठा ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया। यह क्षण बिलासपुर के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन के ताने-बाने में एक स्मरणीय अध्याय बन गया।






