
राज्योत्सव में शिक्षा के नवाचारों ने खींचा ध्यान, तारबाहर विद्यालय की प्रदर्शनी बनी आकर्षण
तारबाहर के टीएलएम से लेकर तृषा-रेणुका के नवाचार तक, राज्योत्सव में दिखी शिक्षा की नई तस्वीर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 पुलिस ग्राउंड में शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा स्टॉल पर शैक्षणिक नवाचारों, गतिविधि आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा की आकर्षक झलक देखने को मिली। तारबाहर विद्यालय द्वारा प्रस्तुत शिक्षण-अधिगम सामग्री वर्किंग मॉडल और इंस्पायर अवार्ड के नवाचारी प्रोजेक्ट प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण रहे।
प्रदर्शनी में गणित, विज्ञान, हिंदी एवं सामान्य ज्ञान विषयों पर आधारित टीएलएम के माध्यम से कठिन अवधारणाओं को सरल और रोचक ढंग से समझाने का प्रयास किया गया। वहीं बैगलेस डे के तहत तैयार वर्किंग मॉडल ने प्रयोगात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षा की उपयोगिता प्रदर्शित की। आयोजन में प्रधान पाठिका श्रीमती पूजा तिवारी के मार्गदर्शन में शिक्षिका माधुरी निर्मलकर एवं ईश्वरी अय्यर का विशेष योगदान रहा। सीएमडी कॉलेज के डीएलएड और बीटीआई कॉलेज के प्रशिक्षार्थियों ने भी सहभागिता निभाई।

राष्ट्रीय स्तर पर चयनित तृषा और रेणुका के मॉडल रहे खास आकर्षण
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2024-25 के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित बिल्हा विकासखंड की छात्राएं कुमारी तृषा कमलेश और कुमारी रेणुका धनुआर के मॉडल विशेष आकर्षण रहे। रेणुका का सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की समस्या पर नियंत्रण की तकनीकी परिकल्पना है, जबकि तृषा का बारिश एवं नमी का संकेत मिलने पर स्वतः छाता खोलने की व्यवस्था पर आधारित है। मेंटर टीचर एम गायत्री के साथ दोनों छात्राओं ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की गतिविधि में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया था।
इंस्पायर अवार्ड में बिलासपुर प्रदेश में प्रथम
सत्र 2026-27 में इंस्पायर अवार्ड के लिए बिलासपुर जिले के चारों विकासखंडों से कुल 4,209 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया। संख्या के आधार पर बिलासपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। सत्र 2025-26 में जिले के 115 विद्यार्थियों का जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ।
प्रदर्शनी का संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे एवं जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय, बीईओ भूपेंद्र कौशिक सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अवलोकन किया और शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
राज्योत्सव में प्रस्तुत यह प्रदर्शनी इस बात का उदाहरण बनी कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक सोच को उपयोगी नवाचारों में बदलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना सकते हैं।मालूम हो राज्योत्सव 2026 में विकसित छत्तीसगढ़ की झलक लिए ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर 40 स्टॉलों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और तकनीकी नवाचारों की जानकारी से नागरिकजन रूबरू हुए।






