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फर्जी आधारकार्ड बनाने वाला साइबर कैफे संचालक दीपक गिरफ्तार….अनुज, प्रियांशु,राहुल,अभिषेक दुबे और भैयालाल जा चुके है जेल

हेड कांस्टेबल के पैतृक भूमि का कूटरचित दस्तावेज तैयार कर किए थे बिक्री

बिलासपुर। हेड कांस्टेबल की पैतृक जमीन का फर्जीवाड़ा करके बेचने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।इसमें फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले आरोपी संचालक को भी पकड़कर जेल भेजा गया है।

सरकंडा पुलिस ने बताया कि जुना बिलासपुर निवासी प्रकाश दुबे हेड कांस्टेबल है।जिन्होने  सरकण्डा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उनकी पैतृक भूमि ग्राम खमतराई पटवारी हल्का नं. 25 में खसरा क्रमांक 672, रकबा 56 डिस्मिल स्थित है, जो पिता के स्वर्गवास होने पर फौती नामांतरण के आधार पर प्रार्थी एवं  मां के नाम पर राजस्व रिकार्ड में दर्ज होकर काबिज था, दिनांक 30 मार्च को उन्हें जानकारी हुई  कि उक्त भूमि का बिक्री हो गया है ।जिससे वह भूइंया ऐप के माध्यम से जानकारी निकालने पर उक्त भूमि को क्रेता अनुज मिश्रा के पास भैयालाल सूर्यवंशी ने गवाह राहुल पटवा एवं अभिषेक दुबे मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बिक्री कर दिये है।साथ ही स्व. पिता भैयालाल दुबे के स्थान पर भैयालाल सूर्यवंशी नामक व्यक्ति को खड़ा करके पंजीयन कराया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसएसपी रजनेश सिंह को अवगत कराया गया।पुलिस ने जांच में आरोपी अनुज कुमार मिश्रा,राहुल पटवा एवं अभिषेक दुबे को हिरासत में लेकर पूछताछ किया,जिन्होने जूर्म स्वीकार करते हुए एक राय होकर जमीन मालिक भैयालाल दुबे के स्थान पर भैयालाल सूर्यवंशी को राजस्व रिकार्ड में दुरूस्त कराकर मंगलदास पण्डो निवासी माहुली बलरामपुर को खड़ा कराकर अनुज मिश्रा के नाम पर रजिस्ट्री कराना स्वीकार किए। जिससे आरोपी मंगलदास पण्डो एवं राम गोविंद पटवा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।इस प्रकरण के आरोपी प्रांशु उर्फ प्रियांशु मिश्रा के मेमोरण्डम के आधार पर आधारकार्ड को एडिट कर फर्जी आधारकार्ड बनाने वाले महामाया साइबर कैफे राजेन्द्र नगर चौक के संचालक दीपक कुमार साहू से जनवरी 2025 में तैयार किये गये फर्जी आधारकार्ड की मूल प्रति पुनः निकलवाया गया तथा आधारकार्ड एडिट कर फर्जी आधारकार्ड बनाने में प्रयुक्त कम्प्युटर सेट एवं कलर प्रिंटर वजह सबूत में जप्त किया गया एवं आरोपी दीपक साहू को  गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

*आईजी और एसपी के निर्देश पर हुआ था अपराध दर्ज*

पीड़ित हेड कांस्टेबल ने बताया कि उनकी शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया है।जिसमें राजस्व अधिकारी भी दोषी है।सिर्फ दोषी उनको बनाया गया है जो भूमाफिया है और फर्जीवाड़ा किए है।जबकि फर्जीवाड़ा करने वाले राजस्व अधिकारी भी शामिल है।जिसमें पटवारी,आरआई और अन्य लोग शामिल है।जिनकी जांच करके कार्रवाई करना चाहिए।इसी कार्रवाई करने के नाम पर शिकायत किया गया था और सुनवाई नहीं हुई बल्कि आईजी और एसपी के पास ज्ञापन दिया तो 70 दिनों में एफआईआर दर्ज हुआ।जिसके लिए कई से थाने और अफसरों के चक्कर लगाने पड़े ।

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