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प्रधानमंत्री की सभा में शामिल होने के लिए जाने के दौरान घायल होकर विकलांग हुए भाजपा नेता ने मांगी इच्छा मृत्यु, पूर्व मुख्यमंत्री ने बढ़ाया मदद का हाथ

2 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री की सभा में शामिल होने के लिए कार्यकर्ताओं को लेकर जाते हुए भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। हादसे में वे स्थायी तौर पर विकलांग हो गए हैं। हादसे के बाद अपनी सभा में प्रधानमंत्री ने उनके प्रति संवेदनाएं भी प्रकट की थी। भाजपा के बड़े नेता उनसे मिलने के लिए अपोलो गए और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था कर दिल्ली एम्स भिजवाया। पर इसके बाद पार्टी ने उन्हें भुला दिया। पिछले दो सालों में 30 से 35 लाख रुपए इलाज में खर्च विशंभर यादव का परिवार कर चुका है । उनके परिवार की आर्थिक स्थिति जर्जर हो गई है। उन्होंने पार्टी से मदद नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्य की मांग की है। जानकारी लगने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मदद का हाथ बढ़ाया है। विशंभर यादव और उनकी पत्नी से बात कर भूपेश बघेल ने उन्हें रायपुर आमंत्रित किया है और इलाज करवाने की बात कही है।

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने अपनी बिगड़ती हालत और आर्थिक तंगी से जूझते हुए मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग कर सबको चौंका दिया है। मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूरजपुर के कांग्रेस नेता पंकज तिवारी के मोबाइल से विशंभर यादव और उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पीड़ित दंपती को उचित इलाज का आश्वासन देते हुए रायपुर बुलाया।

गौरतलब है कि दो साल पहले सात जुलाई 2023 को विशंभर यादव रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में शामिल होने के लिए अपने कार्यकर्ताओं के साथ बस से रवाना हुए थे। बेलतरा के पास बस सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से टकरा दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस के चालक को झपकी आने से यह हादसा हुआ। इस हादसे में दो की मौत हो गई और यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। डॉक्टरों ने उन्हें स्थायी विकलांग घोषित कर दिया। हादसे के बाद से ही उनका जीवन बिस्तर तक सीमित हो गया है। हादसे की जानकारी होने पर प्रधानमंत्री ने मंच से उनके प्रति सहानुभूति जताई थी। उस समय के कई बड़े भाजपा नेताओं ने अपोलो अस्पताल पहुंचकर यादव का हाल-चाल लिया था। संगठन की ओर से उन्हें एम्स दिल्ली ले जाने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराई गई थी। लेकिन उसके बाद उनकी सुध लेने कोई नहीं आया।

30-35 लाख खर्च, परिवार आर्थिक संकट में:–

पिछले दो सालों से इलाज का सारा खर्च यादव का परिवार खुद उठाता रहा है। अब तक करीब 30 से 35 लाख रुपये इलाज पर खर्च हो चुके हैं। परिवार की सारी जमा-पूंजी खत्म हो चुकी है और अब उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। इलाज रुकने से यादव की हालत लगातार बिगड़ रही है। मजबूरी और निराशा में उन्होंने मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।

शरीर से लाचार, संगठन से उपेक्षित:–

विशंभर यादव ने कहा कि मैं पूरी तरह शरीर से लाचार हो गया हूं। मेरे कारण मेरा परिवार भी बहुत परेशान है। जिस पार्टी के लिए मैंने अपना जीवन समर्पित किया, वहीं से अब कोई सहयोग नहीं मिल रहा। मेरे पास अब मौत के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। भाजपा अब पहले जैसी नहीं रही। पहले कार्यकर्ताओं का सम्मान होता था, लेकिन अब कोई मेरा हाल-चाल लेने भी नहीं आता। इसके अलावा परिवार को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

पत्नी ने की इलाज कराने की अपील:–

विशंभर यादव की पत्नी ने भी संगठन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि हमारा पूरा परिवार शुरू से भाजपा के लिए समर्पित रहा है। अब हालात ऐसे हैं कि हम पति का इलाज अच्छे से नहीं करा पा रहे। हमने सोचा था कि हमारी सरकार बनेगी तो हमारी सुनवाई होगी, लेकिन आज तक कोई देखने तक नहीं आया। हम बस यही चाहते हैं कि हमारे पति का इलाज ठीक से हो सके।

परिवार का भाजपा से गहरा नाता:–

विशंभर यादव के परिवार का भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से गहरा जुड़ाव रहा है। उनके पिता संघ से जुड़े रहे और यादव स्वयं तथा उनकी पत्नी लंबे समय से भाजपा की सक्रिय सदस्य रहे। पार्टी ने उन पर भरोसा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की सभा में कार्यकर्ताओं को ले जाने की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। लेकिन हादसे के बाद धीरे-धीरे संगठन ने उनसे दूरी बना ली।

भूपेश बघेल ने बढ़ाया मदद का हाथ:–

भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता की उपेक्षा की खबर सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तुरंत पहल की। उन्होंने यादव दंपती से फोन पर बातचीत कर रायपुर बुलाया और भरोसा दिलाया कि उनके इलाज की हरसंभव व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ता के मोबाइल पर बीमार भाजपा नेता का हालचाल जाना। इसके साथ ही उनके इलाज की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है।

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