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स्टेशन में खुली गढ़कलेवा एक सप्ताह में ही बंद…

अब सशक्त रूप से दोबारा शुरू करने की तैयारी…

बिलासपुर । रेलवे स्टेशन पर शुरू किया गया गढ़ कलेवा केंद्र फिलहाल बंद कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और स्वाद से जोड़ना था, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।कुछ समय पहले बिलासपुर के नए जोनल रेलवे स्टेशन पर गढ़ कलेवा की शुरुआत की गई थी। यहां यात्रियों के लिए छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन जैसे चीला, फरा, ठेठरी, खुरमी और अन्य पकवान परोसे जा रहे थे। रेलवे की मंशा थी कि लोग केवल फास्ट फूड तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी ले सकें। लेकिन, यात्रियों ने इस पहल को खास पसंद नहीं किया। वजह रही संचालन में लापरवाही। जिस समूह को इसका जिम्मा दिया गया था, वे साफ-सफाई और स्वाद का ध्यान नहीं रख पाए। नतीजा यह हुआ कि यात्री गढ़ कलेवा की ओर आकर्षित नहीं हो पाए और केंद्र को बंद करना पड़ा। रेलवे अधिकारियो से मिली जानकारी अनुसार गढ़ कलेवा केंद्र को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। इसे और सशक्त और योजनाबद्ध तरीके से फिर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। रेलवे का विश्वास है कि बेहतर प्रबंधन और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था के साथ यह केंद्र यात्रियों को जरूर आकर्षित करेगा।गढ़ कलेवा केवल खाने-पीने का ठिकाना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति को सहेजने का प्रयास है। उम्मीद है कि जल्द ही यह पहल नई ऊर्जा और बेहतर व्यवस्था के साथ दोबारा शुरू होगी और यात्रियों को छत्तीसगढ़ का असली स्वाद चखने का मौका मिलेगा।

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