बीएनएस के विशेष धारा का प्रयोग करते हुए पुलिस ने की प्रदेश में पहली कार्यवाही
40 दिनों में रकम दुगनी करने का प्रलोभन देने वाले आरोपी की संपत्ति एफआईआर के दस दिनों में ही कुर्क
बिलासपुर।40 दिनों में रकम डबल करने का झांसा देने वाले आरोपी की संपत्ति एफआईआर के दस दिनों के भीतर ही जप्त करने की प्रक्रिया पुलिस ने की है। आरोपी ने ठगी की रकम से एक परिचित महिला के नाम पर जमीन खरीदी थी।
बता दे भारतीय न्याय संहिता की विशेष धाराओं का उपयोग करते हुए बिलासपुर पुलिस ने संपत्ती कुर्क करने की प्रदेश में पहली कार्रवाई की है। जिसके तहत एफआईआर के मात्र 10 दिनों के भीतर ही लोगों के साथ ठगी करने वाले आरोपी की संपत्ति कुर्क करने के लिए प्रतिवेदन भेजा गया है। खास बात यह है कि अभी विवेचना पूरी भी नहीं हो पाई है और ना ही मामले में चालान प्रस्तुत किया गया है। यहां तक कि मुख्य आरोपी फरार है पर ठगी के रकम की अर्जित संपत्ति को पुलिस ने कुर्क करने की प्रक्रिया कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
अपराधियों को उनके अपराध से अर्जित लाभ से वंचित करने की दृढ़ नीति के तहत बिलासपुर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 का प्रयोग करते हुए एक विशिष्ट कार्रवाई की है। इस कार्यवाही के तहत धोखाधड़ी से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने न्यायालय में सशक्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है।
अपराध क्रमांक 1041/2025 अंतर्गत आरोपित हीरानंद भगवानी, नायरा भगवानी एवं मुरली लहजा के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में सात सितंबर को अपराध दर्ज किया गया कि उन्होंने 100 से अधिक निर्दोष व्यक्तियों को “40 दिन में राशि दोगुनी” होने का प्रलोभन देकर 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नायरा भगवानी एवं मुरली लहजा को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी हीरानंद भगवानी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने ठगी से प्राप्त धन से ग्राम तिफरा में 1200 वर्ग फीट का भू-खंड 25 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा। बिलासपुर पुलिस ने इस संपत्ति को अपराध की आय घोषित कर BNSS की धारा 107 के अंतर्गत कुर्क करने हेतु न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।
बीएनएस की धारा 107 पुलिस को यह विशेषाधिकार देती है कि अपराधियों की अवैध कमाई को कुर्क कर उन्हें आर्थिक दृष्टि से पंगु बनाया जा सके। इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराध का प्रतिफल अपराधियों के किसी उपयोग में न आए तथा पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।
इस प्रकरण की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक विष्णु यादव को उनके उत्कृष्ट अन्वेषण कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुरस्कार की घोषणा की है ।
बिलासपुर पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरत रही है।
महिला के नाम पर खरीदी संपत्ति , एफआईआर के दस दिनों में ही हुई कुर्क
मामले में मुख्य आरोपी हीरानंद भगवान ने लोगों को ठगी कर रकम अर्जित की। लोगों का विश्वास जीतने के लिए पहले रुपए भी दुगना कर लौटाए। फिर बड़ी मात्रा में लोगों से रकम इकट्ठा कर फरार हो गया। आरोपी इतना शातिर है कि उसने ठगी की रकम से जमीन खरीदी। कानून के शिकंजे में आने से बचने के लिए उसने एक महिला के नाम से यह जमीन खरीदी थी। पुलिस को विवेचना में जानकारी मिली कि महिला का उक्त जमीन को रजिस्ट्री करवाने के मात्र पांच दिनों पहले ही खाता खुला है और आरोपी ने उसमें रकम ट्रांसफर की है। वही रकम जमीन खरीदी में प्रयुक्त हुई है। पुलिस ने उक्त जमीन को कुर्क करने की प्रक्रिया की है।