उसलापुर ओवरब्रिज पर रोज़ाना जाम, दूसरा पुल बनने की मंजूरी अटकी
क्षमता से ज्यादा दबाव झेल रहा उसलापुर ब्रिज,नया ओवरब्रिज सिर्फ फाइलों में….
बिलासपुर । उसलापुर रेलवे क्रॉसिंग ओवरब्रिज पर रोज़मर्रा की जिंदगी अब जाम के कारण मुश्किल होती जा रही है। मुंगेली बिलासपुर कोटा मार्ग पर स्थित यह ब्रिज अब अपनी क्षमता से अधिक दबाव झेल रहा है। स्थिति यह है कि जरा सा भी वाहन खराब हो जाए, तो ब्रिज पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और घंटों जाम की समस्या बनी रहती है।
दरअसल उसलापुर ओवरब्रिज शहर को मुंगेली और कोटा से जोड़ने वाला सबसे अहम मार्ग माना जाता है। लेकिन शहर के लगातार विस्तार और वाहनों की बढ़ती संख्या ने इस ब्रिज को पूरी तरह ओवरलोड कर दिया है। दिनभर यहां ट्रैफिक का दबाव इतना ज्यादा रहता है कि कई बार गाड़ियां रेंग-रेंगकर आगे बढ़ती हैं।भीड़ और जाम को देखते हुए सेतु निगम ने एक बड़ा समाधान तैयार किया है। योजना के मुताबिक वर्तमान ब्रिज से बिल्कुल सटा हुआ एक नया और चौड़ा ओवरब्रिज बनाया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। नया ब्रिज बनने के बाद यातायात को दो हिस्सों में बांटा जाएगा, जिससे लोगों को जाम से काफी राहत मिलेगी।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इतनी जरूरत और इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद यह प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए अटका हुआ है। फाइल मंत्रालय तक पहुंच चुकी है, लेकिन निर्माण के लिए जरूरी बजट की मंजूरी अभी तक नहीं मिल पाई है।उधर, जब क्षेत्र के लोगों से बात की गई तो उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जताई। लोगों का कहना है कि यहां हर दिन जाम लगता है, बच्चे स्कूल लेट होते हैं, ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी होती है, और कई बार एम्बुलेंस जैसे जरूरी वाहन भी फंस जाते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि नए पुल का आश्वासन तो कई बार मिला, लेकिन जमीन पर आज तक कुछ नहीं दिखा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दूसरा पुल बनाया जाए, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग कब जागेगा और कब इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी मिलेगी। फिलहाल जनता एक ही सवाल पूछ रही है नया ओवरब्रिज कब बनेगा।