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अमीन भर्ती परीक्षा सम्पन्न,10 हज़ार से ज्यादा परीक्षार्थी अनुपस्थित….126 केंद्रों पर परीक्षा शांत….फिर भी 10,192 परीक्षार्थियों ने नहीं दी परीक्षा…..

बिलासपुर।व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गत अमीन भर्ती परीक्षा रविवार को पूरे प्रदेश के 16 जिलों में शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई। बिलासपुर जिले में इस परीक्षा के लिए कुल 126 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहाँ करीब 38 हजार परीक्षार्थियों को शामिल होना था। लेकिन हैरानी की बात ये रही कि तय संख्या में से सिर्फ 27,861 परीक्षार्थी ही पहुंचे,जबकि 10,192 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

दरअसल व्यापम की तरफ से इस बार परीक्षा को बिल्कुल पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटि-रहित बनाने के लिए बेहद कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जिला प्रशासन ने भी इन निर्देशों को लागू करने के लिए फील्ड से लेकर सेंटर तक पूरी तैयारी कर रखी थी।नियमों के अनुसार परीक्षार्थी को परीक्षा के एक दिन पहले ही अपना परीक्षा केंद्र देख लेना था ताकि परीक्षा वाले दिन किसी भी तरह की असुविधा न हो। धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले परीक्षार्थियों को समय से पहले रिपोर्ट करना अनिवार्य था, क्योंकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना था।फुटवियर में सिर्फ चप्पल की अनुमति… कान में किसी तरह का आभूषण पूरी तरह वर्जित… और परीक्षा कक्ष में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, बेल्ट, स्कार्फ या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की एंट्री पूरी तरह बैन रखी गई थी। परीक्षा के दौरान अनुचित साधन का उपयोग पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान था।सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जब परीक्षार्थियों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि इस बार एग्ज़ाम सेंटर पर सुरक्षा बिल्कुल सख्त थी और प्रवेश प्रक्रिया भी काफी नियंत्रित रखी गई थी। गणित विषय को लेकर परीक्षार्थियों की राय अलग-अलग रही—कई छात्रों ने पेपर को आसान बताया… वहीं कुछ ने कहा कि इस बार गणित का स्तर थोड़ा कठिन रखा गया था।कुल मिलाकर,अमीन भर्ती परीक्षा बिना किसी बड़ी गड़बड़ी के शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई… और अब सभी की नजरें व्यापम के परिणाम पर टिकी हैं।

विलम्ब से आने पर एंट्री नहीं मिली तो छात्रों ने किया हाई वोल्टेज ड्रामा

व्यापम के सख्त नियम…और साथ ही आज आमीन–पटवारी भर्ती परीक्षा का दिन लेकिन बिलासपुर में कुछ परीक्षार्थियों ने नियमों को ऐसे तोड़ा कि देखकर हर कोई हैरान रह गया। बिलासा गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र में 11:30 बजे के बाद पहुंचे परीक्षार्थियों को जब एंट्री नहीं मिली… तो मामला अचानक हाई-वोल्टेज ड्रामा में बदल गया।


जिसके कारण परीक्षा हाल के पास माहौल बन गया और लोग एक दूसरे को देखने लगे।

व्यापम एग्जाम में हाई-वोल्टेज ड्रामा, देर से पहुंचे परीक्षार्थी दीवार फांदकर घुसने की कोशिश

व्यापम के निर्देश साफ थे गेट 11:30 के बाद बंद लेकिन कुछ परीक्षार्थी देर से पहुंचे और अंदर जाने की जिद पर अड़ गए। गेट बंद था… गार्ड मना कर चुका था… लेकिन ये परीक्षार्थी यहीं नहीं रुके। बिलासा गर्ल्स कॉलेज की दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करने लगे। कुछ युवक कॉलेज की दीवार पर चढ़ने की कोशिश करते हैं, नीचे खड़े दूसरे लोग उनका साथ दे रहे हैं, और पूरा माहौल अफरा-तफरी में बदल जाता है।हालांकि परीक्षा केंद्र प्रबंधन बिल्कुल सख्त रहा। किसी भी देर से आए परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया गया। लेकिन जिस तरह नियमों को ताक पर रखकर दीवार फांदने की कोशिश की गई।

समय पर परीक्षा केंद्र नही पहुंचने पर परीक्षा से वंचित

कई परीक्षार्थी दूर-दराज़ के इलाकों जैसे बलौदाबाजार, लोरमी, सरगांव और मुंगेली—से परीक्षा देने बिलासपुर पहुंचे थे। इनमें से कई को कुछ ही मिनट देर से पहुंचने पर एंट्री नहीं दी गई। परीक्षा केंद्रों के बाहर 10–15 की संख्या में विद्यार्थी उदास बैठे नजर आए। उन्होंने बताया कि महीनों की तैयारी केवल कुछ मिनट की देरी के कारण बेकार हो गई। परीक्षार्थियों का कहना था कि वे अलग-अलग शहरों से लंबी दूरी तय करके आए थे और ट्रैफिक व स्थानीय परिवहन की दिक्कतों की वजह से देर हो गई।

परीक्षा देने वाले छात्रों की पहचान करके कार्रवाई करेगी प्रशासन

व्यापम परीक्षाओं में पहले भी नकल, दलाल, और अव्यवस्था के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में दीवार कूदकर एंट्री लेने की कोशिश… सिस्टम की गंभीरता पर सीधा हमला है। प्रशासन अब ऐसे परीक्षार्थियों की पहचान करते हुए कार्रवाई की तैयारी में है।परीक्षा में देर होना अपनी गलती… लेकिन नियम तोड़कर दीवार फांदना ये कोई बहादुरी नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ गुंडागर्दी है।

2 मिनट के विलम्ब होने पर भी नहीं मिला प्रवेश

परीक्षा देने छात्रों के अनुसार, 2–5 मिनट की देरी को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए था। कई विद्यार्थियों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि सिर्फ कुछ मिनट की वजह से उन्हें परीक्षा से बाहर रखना अनुचित है। हालांकि, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के नियम पहले ही स्पष्ट कर दिए गए थे और रिपोर्टिंग टाइम का पालन अनिवार्य था। समय होने के बाद गेट बंद करना सुरक्षा और परीक्षा पारदर्शिता के लिए जरूरी प्रक्रिया है। ।इस घटना से यह संदेश जरूर सामने आया कि परीक्षाओं में समय का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। देर से पहुंचने वाले कई परीक्षार्थियों ने इसे अपनी गलती भी माना और कहा कि भविष्य में वे ऐसी लापरवाही नहीं करेंगे।

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