छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरों को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने की अपनी आपत्ति दर्ज
बिलासपुर ।सरकार द्वारा रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी किए जाने के बाद प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। जमीन व्यापारियों से लेकर विपक्षी दलों तक, हर तरफ नाराज़गी देखने को मिल रही है।
दरअसल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नई दरों को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की भावनाओं और वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इस मुद्दे पर पुनर्विचार कर सकती है। बढ़ी हुई दरों को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रजिस्ट्री दर वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। सांसद ने कहा कि इस निर्णय में जनभावनाओं की अनदेखी की गई है और लोकतंत्र में जनता की राय सर्वोपरि होनी चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने वित्त मंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें आखिर किसके फायदे के लिए तय की गई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस फैसले से आम लोगों और छोटे व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।जमीन रजिस्ट्री दरों में बढ़ोतरी को लेकर उठे विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गर्म कर दिया है। सरकार जहां विभागीय समीक्षा का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष लगातार हमलावर है। अब प्रदेश की जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या अंतिम कदम उठाती है।