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सांस्कृतिक महोत्सव के तृतीय दिवस सत्यम निकेतन ने बिखेरी विविधता भरी सांस्कृतिक छटा

बिलासपुर ।शासकीय उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान बिलासपुर में सत्यम निकेतन के द्वारा वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम 2025 – 26 प्रस्तुत किया गया ।जिसमें संस्था प्रमुख प्राचार्य मीता मुखर्जी एवं निर्णायक सुनील चिपड़े ,अरुण भांगे ,सांस्कृतिक प्रभारी डा.अजीता मिश्रा सत्यम निकेतन के प्रभारी एन एम रिजवी डॉक्टर गीता जायसवाल ,डॉ नीला चौधरी, संगीता श्रीवास्तव, डॉक्टर वंदना रोहिला, संतोषी फरवी तथा वादक कलाकार ओम परमानंद वैष्णव राजेश्वर प्रसाद वस्त्रकार श्री कृष्णानंद चौबे,मेकअप सहयोगी अतुलकांत, अंजना खरे और सत्यम निकेतन के सभी सदस्यगण एवं लाइट डेकोरेशन साउंड सिस्टम साउंड सिस्टम के प्रभारी डॉ दुष्यंत चतुर्वेदी के द्वारा सुंदर व्यवस्था एवं प्रशिक्षणर्थियों के द्वारा भारतीय संस्कृति एवं लोक संस्कृति को बहुत ही खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया भारतीय संस्कृति से लेकर आधुनिकता का समावेश लिए हुए सुंदर डेकोरेशन के साथ प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा लोकगीत ,लोक नृत्य, नाटक, हास्य कॉमेडीआदि के माध्यम से हमारे भारत देश के संस्कृति , संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया गया । राम सीता विवाह ,शंकर तांडव ,डंडा नृत्य ,पहाड़ी नृत्य ,जस गीत,नाटक सर्वधर्म सम्भाव, बुंदेलखंडी नृत्य आदि की प्रस्तुति दर्शकों को एवं निर्णायकों का मन मोह लिया। मंत्र नाटक द्वारा समाज को मानवता का पाठ का संदेश दिया गया कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति में “एक देश संदेश एक हैं एक हमारा नारा है”

उत्साह और ऊर्जा का प्रेरक संदेश दिया गया ।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक गण एवं बी एड ,एम एड के सभी प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।यह कार्यक्रम हमारे सभी निकेतन के सभी सदस्यों द्वारा संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत शिव तांडव देवराज सेधमान्य की स्तुति से हुई,जिसमें प्रमुख रूप से बी एड. प्रशिक्षणार्थी कुमारी गामिनी गेंदले,नीलू प्रिया, श्रीमती भूषण पैगवार, कु.माही ,मनोज बर्मन एवं रामरतन महंत की भूमिका रहा।तत्पश्चात लोकगीत महिला समूह श्रीमती सावित्री जायसवाल ,नैनसी दुबे, भूषण पैगवार, कमलेश नंदनी पात्रे, शारदा शर्मा ,नम्रता डहरिया,मनीषा बंजारे, गीत प्रधान ,वर्तिका जान ,कल्पना ,पद्मा सीमा एवं रेशमा।

तत्पश्चात डंडा नृत्य झूमकी तरोई रे भाई में श्री धजाराम टेंगवार, अश्वनी कुमार कौशिक ,पवन कश्यप ,नरेंद्र वैष्णव,हरि शंकर साय ,विनय सिंह ,ओंकार अनुराग खेमराज ,अमर कुमार मलिक, भूपेंद्र कंवर ,अश्विनी कुमार ,निकोलस कुजूर , पहाड़ी नृत्य मैं कुमारी दीप्ति ,वर्षिता, बेबी मिरी ,निशा साहू की प्रस्तुति दी। जस गीत में श्री धजाराम , राम रतन महंत,पवन कुमार कश्यप ,अश्वनी कौशिक ,नरेंद्र वैष्णव ,मनोज कुमार बर्मन,हरिशंकर, सुधीर कुमार सिंह,विनय कुमार सिंह,यीशु नसरिता लकड़ा,भूपेंद्र कंवर एवं राकेश कुमार राजगीर की भूमिका ने दर्शकों का मन मोह लिया। नाटक में अमर कुमार मलिक,वर्तिका जान ,नयनन गिरी,सावित्री जायसवाल,अश्वनी कुमार, अनुराग केस, लॉरेंस मित्रा,वर्षीत लाउते, सुरेश कुमार मानिकपुरी, के द्वारा मंत्र नाटक पर दर्शकों को भाव विभोर कर सांस्कृतिक कार्यक्रम में सबको मानवता का सीख दिये वही लोक नृत्य महिला मुख मुरली बजाए में श्रीमती भूषण पैगवार,कमलेश नंदनी पात्रे,शारदा शर्मा, नम्रता डहरिया, सावित्री जायसवाल, कु. सिमरन ,श्रद्धा ,तोषिबा ,नीलू प्रिया ,वर्तिका जान ,रीत एवं गामिनी ने अपनी प्रस्तुति दी ।

विविध कार्यक्रम के अंतर्गत मुख अभिनय में कीर्तन लाल घृतलहरे ,राकेश कुमार राजगीर, पवन कुमार कश्यप ,हरिशंकर, भूपेंद्र कंवर ,निकोलस कुजूर ने राष्ट्रीय एकता पर अभिनय किये।वही बुंदेलखंडी नृत्य में अनुराग,लॉरेंस, अश्वनी कुमार,वर्षिता,दीप्ति एवं निशा के द्वारा जल मछली गीत पर रंगारंग प्रस्तुति दिए।मिनी नाटक के अंतर्गत रेलवे स्टेशन पर संदर्भित अमर मलिक एवं सुरेश कुमार मानिकपुरी ने अपनी भूमिका प्रस्तुत किये।साथ ही हरियाणवी नृत्य में कु.माही, रीत,श्रद्धा ,गामिनी, एवं दीप्ति ने दर्शकों का मन मोह लिया।एकल अभिनय के रूप में कीर्तनलाल घृतलहरे के द्वारा हास्य नाटक से दर्शकों लोट पोट कर कार्यक्रम को नया मोड़ दे दिया।निकेतन गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।मंच संचालन कर रहे प्रदीप कुमार श्याम, अमर कुमार मलिक एवं शोभा यादव का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वहीं पूरे कार्यक्रम की जानकारी महाविद्यालय के आचार्य करीम खान ने दी।

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