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जशपुर जिले की बगिया MCAD सिंचाई योजना के अध्ययन के लिए कृषक एवं अधिकारी दल MP रवाना

बड़ी संख्या में लोग हुए रवाना जानेंगे इसके फायदे

छत्तीसगढ़ के कृषकों एवं अधिकारियों का अध्ययन दल मध्यप्रदेश रवाना

बिलासपुर ।सिंचाई योजना के प्रभावी क्रमण के लिए छत्तीसगढ़ के जयपुर जिले से कृषकों का दल मध्य प्रदेश में अध्ययन के लिए रवाना हुआ है मुख्यमंत्री द्वारा 15 जनवरी को दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जिसके बाद 16 जनवरी को सभी लोग बिलासपुर इंदौर एक्सप्रेस से मध्य प्रदेश से लिए रवाना हुए।

जशपुर ।जशपुर जिले के मैनी नदी पर प्रस्तावित बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ के कृषकों एवं अधिकारियों का अध्ययन दल मध्यप्रदेश रवाना हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 15 जनवरी की रात बगिया गांव से बस को हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। इसके पश्चात 16 जनवरी को यह दल बिलासपुर से बिलासपुर–इंदौर ट्रेन के माध्यम से भोपाल के लिए प्रस्थान किया।
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर अप्रैल 2025 में प्रारंभ किए गए Modernisation of Command Area Development कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र स्थित कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए बगिया क्लस्टर को 19 सितंबर 2025 को ₹95.89 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के माध्यम से बगिया सहित 13 ग्रामों के कुल 9866 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ एवं रबी फसलों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का निर्माण कार्य 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके बाद पांच वर्षों तक संचालन एवं संधारण किया जाएगा।
MCAD योजना के अंतर्गत आधुनिक दाबित पाइप सिंचाई नेटवर्क, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, SCADA एवं IoT आधारित जल प्रबंधन, जीआईएस मैपिंग तथा जल उपयोग दक्षता पर विशेष जोर दिया गया है। परियोजना से किसानों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के सिद्धांत के तहत अधिक उत्पादन और आय में वृद्धि का लाभ मिलेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए 16 से 19 जनवरी 2026 तक यह अध्ययन दल मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले स्थित मोहनपुरा एवं कुंडालिया वृहद सिंचाई परियोजनाओं के उन्नत सिंचाई मॉडल का अध्ययन करेगा। अध्ययन दल में जल संसाधन विभाग, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के 32 अधिकारी-कर्मचारी तथा योजना से लाभान्वित 13 ग्रामों के 26 कृषक शामिल हैं। यह अध्ययन छत्तीसगढ़ में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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