11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने सरकार को घेरा
जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन बिलासपुर ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से भेजे गए इस ज्ञापन में फेडरेशन ने महंगाई भत्ता, लंबित एरियर्स सहित अन्य 11 सूत्रीय मांगों के त्वरित निराकरण की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि इन मांगों को लेकर पहले भी शासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। फेडरेशन ने कहा कि यदि जल्द ही इन मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन की रूपरेखा और तेज की जा सकती है। फेडरेशन की प्रमुख मांगों में जुलाई 2016 से लंबित डीए एरियर्स का भुगतान कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में करने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर अर्जित अवकाश नकदीकरण 300 दिन तक करने, चार स्तरीय पदोन्नति समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 32 वर्ष) लागू करने और विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग शामिल है। इसके अलावा शिक्षकों की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करने तथा सहायक शिक्षकों और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने की मांग उठाई गई है।