ग्राम पंचायत जोधरा: सरपंच की देखरेख में हो रहा घटिया निर्माण, ग्रामीणों में आक्रोश

मस्तूरी/बिलासपुर। ग्राम पंचायत जोधरा में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया निर्माण सामग्री का मामला सामने आया है। यहाँ सरपंच समारू राम केवट द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

मुख्य बिंदु:
अधूरा और असुरक्षित ढांचा: मौके पर देखा जा सकता है कि छत का निर्माण कार्य मानक स्तर का नहीं है। दीवारों में प्लास्टर और फिनिशिंग की गुणवत्ता बेहद खराब है, जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकती है।
सूचना पटल और वास्तविकता में अंतर: निर्माण स्थल पर लगे सूचना पटल (Suchna Patal) के अनुसार, यह कार्य ‘विधायक निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना’ के तहत स्वीकृत है।
कार्य का नाम: छत निर्माण कार्य (कुम्हारीपारा)
स्वीकृत राशि: ₹3,00,000
कार्य प्रारंभ तिथि: 13-10-2025
कार्य पूर्ण तिथि: 24-02-2026
समय सीमा की अनदेखी: सूचना पटल पर कार्य पूर्ण होने की तिथि 24 फरवरी 2026 दर्ज है, जबकि वर्तमान स्थिति को देखकर स्पष्ट है कि कार्य अब भी अधूरा है और निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता।
लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच समारू राम केवट द्वारा इस निर्माण में तकनीकी बारीकियों को नजरअंदाज किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन लाख रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित होने के बावजूद, मौके पर किया गया कार्य उसकी तुलना में बेहद कम गुणवत्ता का है।
प्रशासन से मांग
इस मामले को लेकर अब क्षेत्र के जागरूक नागरिक और पत्रकार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। मांग की जा रही है कि संबंधित विभाग के इंजीनियरों द्वारा इस कार्य की तकनीकी जांच की जाए और भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर सरपंच के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।