अतिथि व्याख्याताओं ने एकमुश्त सैलरी देने के लिए दिया उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री एवं उनके निज सचिव डॉ तिवारी को अपनी मांगों में कालखण्ड आधारित व्यवस्था को समाप्त कर एकमुश्त मासिक सैलरी 57,700 रुपये वेतन देने की माँग की गई है, ज्ञात हो कि अतिथि व्याख्याताओं की वर्तमान सैलरी कालखण्ड आधारित होती है, जिसमें अधिकतर अतिथि व्याख्याताओं की 4 कालखण्ड नहीं बन पाती और प्रमुख त्यौहार दीवाली, होली, दशहरा एवं छुट्टियों में उनकी सैलरी कट जाती है, जिससे उन्हें 50 हजार से भी बहुत कम सैलरी मिल पाती है, इन छुट्टियों का इन्हें सीधा-सीधा नुकसान होता है। असिस्टेंट प्रोफेसर्स की बेसिक सैलरी भी 57700 ₹ ही होती है, तो कम से कम अतिथि व्याख्याताओं का वेतन 57,700 रुपये एकमुश्त हो, जिससे कालखण्ड आधारित व्यवस्था समाप्त हो और अगले शिक्षा सत्र 2026-27 से अतिथि व्याख्याताओं को एकमुश्त मासिक सैलरी के रूप में 57,700 रुपये वेतन एकमुश्त देने हेतु ज्ञापन दिया गया है।
मिलने वालों में प्रमुख रूप से महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता संघ के अध्यक्ष डॉ लव कुमार वर्मा, सचिव डॉ कमलेश देशमुख, सभी संभाग पदाधिकारीगण, संभाग सचिव, जिला अध्यक्ष एवं बहुत अधिक संख्या में अतिथि व्याख्याता साथीगण उपस्थित थे।
उक्त जानकारी बिलासपुर से अतिथि व्याख्याता सम्भाग अध्यक्ष आलोक चतुर्वेदी ने दिया है।