कृषि महाविद्यालय बिलासपुर में मनाया गया नशीले पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की पहल, विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प
बिलासपुर, 26 जून 2026। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा शुक्रवार को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स द्वारा विषय परिचय के साथ किया गया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा नशे की मांग में कमी लाना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 1989 से प्रत्येक वर्ष 26 जून को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है, ताकि विश्व स्तर पर नशे के विरुद्ध जनजागरण को बढ़ावा दिया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. आर.के.एस. तोमर, प्रभारी अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय बिलासपुर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि परिवार, समाज एवं राष्ट्र के विकास में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है और इस दौरान लिए गए निर्णय व्यक्ति के भविष्य का निर्माण करते हैं। इसलिए युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, योग, नवाचार एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होना चाहिए।
डॉ. तोमर ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और सामाजिक संबंधों को कमजोर कर देती है। इसके कारण अपराध, हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने मित्रों, परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों का सेवन न करने तथा समाज में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय द्वारा गठित नशीली दवाओं के विरुद्ध छात्र राजदूत अभिनव सैनी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं से नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वहीं नशा मुक्ति युवा मंडल क्लब के सदस्य कन्हैया पाचार, देवराज एवं नारायण शर्मा सहित अन्य स्वयंसेवकों ने जनजागरूकता गतिविधियों में सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अजय टेगर, डॉ. प्रमेन्द्र कुमार केसरी, डॉ. प्रफुल्ल कुमार कटरे सहित महाविद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, वैज्ञानिक, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सभी उपस्थितजनों से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया।