लूतरा शरीफ दरगाह की नवगठित कमेटी के 6 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को सौंपा त्यागपत्र
प्रभार सौंपे जाने के अगले ही दिन लिया बड़ा फैसला
व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर दायित्वों से हुए अलग
बिलासपुर। प्रदेश की सबसे बड़ी दरगाह लूतरा शरीफ, शाही नूरानी मस्जिद एवं दारुल उलूम फैज़ाने बाबा इंसान अली की नवगठित प्रबंधन समिति के छह पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपने-अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। गुरुवार को सभी पदाधिकारियों ने रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड कार्यालय पहुंचकर बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम संबोधित अपना त्यागपत्र सौंप दिया।
इस्तीफा देने वालों में समिति के सरपरस्त इरशाद अली, सेक्रेटरी रियाज अशरफी, नायब मुतवल्ली मोहम्मद सिराज एवं रोशन खान तथा सदस्य हाजी गुलाम रसूल साबरी और अब्दुल रहीम शामिल हैं। सभी 23 जून 2026 को वक्फ बोर्ड द्वारा गठित 20 सदस्यीय प्रबंधन समिति का हिस्सा थे।
अपने त्यागपत्र में सभी पदाधिकारियों ने व्यक्तिगत एवं अपरिहार्य कारणों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपने दायित्वों का नियमित और प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में असमर्थ हैं। इसी कारण उन्होंने स्वेच्छा से तत्काल प्रभाव से अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
पदाधिकारियों ने वक्फ बोर्ड से अनुरोध किया है कि उनका त्यागपत्र स्वीकार कर उन्हें सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए। साथ ही उन्होंने नवगठित संस्था के सफल संचालन और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।
गौरतलब है कि इस सामूहिक इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले बुधवार शाम को पुरानी इंतेजामिया कमेटी ने खादिमों की मौजूदगी में हाजी मोहम्मद इकबाल हक की सदारत वाली कमेटी को दरगाह का विधिवत प्रभार सौंपा था। इसके अगले ही दिन छह पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे दे दिया है।