गृहमँत्री जी बातें मत करिए, गद्दी छोडिए !

0करणी सैनिक हाडा़ ने गिनाई नैतिकता, माँगा इस्तीफा
बिलासपुर.पुलिस के डँडे की नहीं बल्कि बूट की आवाज़ जहाँ कहीं पर भी सुनाई देते ही अपराधी भागने लगे तो समझिए कि वह देश – प्रदेश शाँत है. छत्तीसगढ़ के माननीय गृहमँत्री जी शायद यह बात भूल गए हैं. तभी तो वह बातें ज्यादा कर रहे हैं जबकि उन्हें नैतिक कारणों से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए था.
उक्ताशय के विचार क्षत्रिय करणी सेना के एक सैनिक राजसिंह हाडा़ के हैं. बीरगाँव (रायपुर) निवासी हाडा़ ने कोरिया जिले में हुए नृशंस हत्याकाँड़ को लेकर यह आक्रोश जताया है.
उल्लेख है कि जिला कोरिया के विकासखंड सोनहत अंतर्गत ग्राम नौगई में दिनांक 16 एवं 17 जून 2026 की मध्यरात्रि में एक बेहद दर्दनाक सामूहिक हत्याकाँड़ हुआ था. इसमें पूर्व जनपद उपाध्यक्ष सोनहत श्री भरत सिंह (लल्ला सिंह), श्री नागेंद्र सिंह (शिक्षक) एवं श्री वीरेंद्र सिंह जिंदा जला दिए गए थे.
0 पीडित परिजनों से मिलने की फुर्सत भी नहीं मिली क्या ?
हाडा़ ने उक्त घटना और गृहमँत्री की उदासीनता पर सवाल खडा़ करते हुए जानना चाहा है कि पीडित परिवार से मिलने की फुर्सत भी नहीं है क्या ? जबकि इसी घटना में बुरी तरह से घायल सेवानिवृत्त शासकीय सेवक श्री योगेंद्र सिंह चौहान (65), उनके भतीजे श्री मयँक सिंह गँभीर रूप से घायल हुए हैं.
दोनों जीवन मृत्यु के बीच झूल रहे हैं. इसके बावजूद प्रदेश के गृहमँत्री को अब तक न तो बेहद दुखी परिजनों से मिलने का समय मिला और न ही गँभीर रूप से घायल बुजुर्ग और युवा से अस्पताल जाकर कुशलक्षेम जानने की चिंता हो पाई है.
0 एएसपी को नहीं बचा पाईएगा…
करणी सैनिक हाडा़ के मुताबिक अब इधर, समाज के सक्रिय होते ही हाथपैर चलाने में गृहमँत्री सक्रिय हो गए है लेकिन वह करणी सेना सहित 36 कौमों की नाराजगी के सामने सफल नहीं हो पाएँगे. वह कोरिया की एएसपी को चाहकर भी नहीं बचा पाएंगे.
ज्ञात हो कि, घटना उपराँत दुखी परिजनों के समक्ष अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मैडम की प्रतिक्रिया से भी करणी समाज बेहद रूष्ट है. हाडा़ का कहना है कि आज नहीं तो कल माननीय गृहमँत्री व एएसपी जैसी लापरवाह अधिकारियों को इसका दुष्परिणाम भुगतना होगा.