किसान के बैंक खाते से ₹2.35 लाख की कथित अनधिकृत निकासी का मामला, दोषियों पर कार्रवाई एवं राशि वापसी की मांग

बिलासपुर।भारतीय जनता पार्टी झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित, बिलासपुर के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर ग्राम मानिकपुर निवासी किसान न्याय मूर्ति सिंह के साथ हुई कथित वित्तीय अनियमितता एवं धोखाधड़ी के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित किसान को उसकी पूरी राशि वापस दिलाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मानिकपुर, पोस्ट-केन्दा, तहसील बेलगहना, जिला बिलासपुर निवासी किसान न्याय मूर्ति सिंह ने लिखित शिकायत में बताया है कि उन्होंने अपना धान समर्थन मूल्य पर केन्दा उपार्जन केंद्र में विक्रय किया था। धान विक्रय की राशि उनके जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, शाखा कोटा स्थित खाते में जमा हुई थी।
शिकायत के अनुसार, किसान की जानकारी, अनुमति एवं हस्ताक्षर के बिना 05 मार्च 2026 को उनके खाते से ₹55,500 तथा बाद में 06 मई 2026 को ₹1,80,000 की राशि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आहरित कर ली गई। इस प्रकार कुल ₹2,35,500 (दो लाख पैंतीस हजार पांच सौ रुपये) की अनधिकृत निकासी का मामला सामने आया है।
पीड़ित किसान ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार मंडी एवं बैंक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक न तो राशि वापस मिली और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बार-बार अधिकारियों के पास जाने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता रहा, जिससे किसान आर्थिक एवं मानसिक रूप से अत्यंत परेशान है।
प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने कहा कि यह मामला केवल एक किसान के साथ आर्थिक धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत की कमाई और बैंकिंग व्यवस्था पर विश्वास से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों का विश्वास प्रभावित होगा।
उन्होंने केंद्रीय सहकारी बैंक प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी व्यक्तियों एवं यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका पाई जाती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित किसान न्याय मूर्ति सिंह के खाते से निकाली गई ₹2,35,500 की संपूर्ण राशि शीघ्र वापस दिलाई जाए।
राजेश यादव ने स्पष्ट किया कि यदि पीड़ित किसान को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो किसानों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति अपनाई जाएगी और संबंधित प्रकरण को उच्च स्तर तक उठाया जाएगा।