प्राकृतिक आपदा मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले संगठित गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने किया खुलासा…. अब तक 17 आरोपी गिरफ्तार….
सामान्य एवं अन्य कारणों से हुई मृत्यु को सर्पदंश दर्शाकर राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत आर्थिक सहायता राशि प्राप्त करने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संदेहियों के निवास एवं अन्य संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है। आवश्यक दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं अन्य साक्ष्यों की जब्ती की कार्यवाही सतत जारी है।
फर्जी सरकारी सील, कूटरचित पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, शासकीय दस्तावेज, कम्प्यूटर, प्रिंटर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जप्त।
बिलासपुर।एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में प्राकृतिक आपदा सर्पदंश एवं अन्य विषैले जंतुओं के काटने से मृत्यु होने पर राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत दी जाने वाली ₹4,00,000/- की आर्थिक सहायता राशि प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई।
प्रकरण की जांच के दौरान थाना सरकण्डा, सिविल लाइन, कोनी, सिटी कोतवाली, सिरगिट्टी एवं तोरवा में कुल 16 अपराध पंजीबद्ध किए गए। प्रकरणों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में अलग अलग टीमों का गठन कर वैधानिक विवेचना, गिरफ्तारी, दस्तावेजों की जब्ती एवं तकनीकी साक्ष्यों के संकलन की कार्यवाही प्रारंभ की गई।विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि आरोपी सामान्य बीमारी, कैंसर, आत्महत्या अथवा अन्य कारणों से हुई मृत्यु के पुराने मर्ग प्रकरणों का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। सिम्स अस्पताल के डॉक्टरों के नाम से कूटरचित पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर मृत्यु का कारण सर्पदंश दर्शाया जाता था। पुलिस, पटवारी, डॉक्टर एवं अन्य शासकीय कार्यालयों की फर्जी सील एवं हस्ताक्षर तैयार कर दस्तावेजों को वास्तविक स्वरूप दिया जाता था। इन दस्तावेजों के आधार पर आर्थिक सहायता स्वीकृत कराकर राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में प्राप्त की जाती थी तथा बाद में उसका आपस में बंटवारा किया जाता था।
विवेचना के दौरान अब तक कुल 17 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
विवेचना के दौरान अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष अन्य आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। साथ ही संदेहियों के निवास एवं अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देकर आवश्यक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं अन्य साक्ष्य जप्त किए जा रहे हैं। जिले में इस प्रकार के अन्य संदिग्ध प्रकरणों की भी गहन विवेचना जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों का नाम एवं पता
थाना सरकण्डा (04 आरोपी)
- महेन्द्र कुमार मनहर पिता गेंदलाल मनहर, उम्र 35 वर्ष, निवासी आशुतोष विहार, अशोक नगर, थाना सरकण्डा, जिला बिलासपुर।
- गोविंद विश्वकर्मा पिता स्व. गोपाल विश्वकर्मा, उम्र 36 वर्ष, निवासी दयालबंद, थाना सिटी कोतवाली, जिला बिलासपुर।
- हीरा प्रसाद खाण्डेकर पिता स्व. भगतराम खाण्डेकर, उम्र 41 वर्ष, निवासी आकाश विहार कॉलोनी, अशोक नगर, थाना सरकण्डा, जिला बिलासपुर।
- कुश कुमार गुप्ता पिता स्व. बोधराम गुप्ता, उम्र 36 वर्ष, निवासी महाबीर सिटी, राजकिशोर नगर, थाना सरकण्डा, जिला बिलासपुर।
थाना कोनी (06 आरोपी)
- भगत सिंह ठाकुर उर्फ पालू पिता स्व. गोरेलाल सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी मेन रोड बड़ी कोनी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर।
- शंकू सिंह ठाकुर पिता स्व. मिथलेश सिंह, उम्र 32 वर्ष, निवासी देव नगर कोनी, थाना कोनी, जिला बिलासपुर।
- धर्मेन्द्र यादव।
- विजय जांगड़े।
- आकाश कुमार साहू।
- केशव कुमार कश्यप।
थाना सिविल लाइन (03 आरोपी)
- कामता साहू (अधिवक्ता) – अपराध क्रमांक 843/2026।
- शिव कुमारी यादव – अपराध क्रमांक 841/2026।
- दामिनी यादव – अपराध क्रमांक 841/2026।
थाना तोरवा (03 आरोपी)
- सफीना बानो पति स्व. निसार खान, उम्र 40 वर्ष, निवासी लालखदान, महमंद, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर।
- संतोष कुमार सूर्यवंशी पिता छतलाल सूर्यवंशी, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम महमंद, थाना तोरवा, जिला बिलासपुर।
- रंजित कुमार चतुर्वेदी पिता अग्रवाल चतुर्वेदी, उम्र 40 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सैदा, जिला बिलासपुर।
थाना सिटी कोतवाली (01 आरोपी)
- सुनीता सोनवानी पति स्व. जमुना प्रसाद सोनवानी, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम कुआं, थाना तखतपुर, जिला बिलासपुर।
गिरफतार आरोपी
–
’ डा0 प्रियंका सोनी पति निहिर सविता मोहन उम्र 37 साल साकिन मकान नंबर 314 /एचबी ईस्टेंट सोनेगांव नागपुर महाराष्ट्र
बॉक्स
अलग अलग थाने दर्ज प्रकरण
- थाना सरकण्डा – 05 प्रकरण
- थाना कोनी – 03 प्रकरण
- थाना सिटी कोतवाली – 01 प्रकरण
- थाना सिविल लाइन – 03 प्रकरण
- थाना तोरवा – 02 प्रकरण
- थाना सिरगिट्टी – 01 प्रकरण
आरोपियों से जब्त
सामग्री
आरोपियों के कब्जे से फर्जी सरकारी सील, कूटरचित पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र, शव परीक्षण एवं मर्ग संबंधी अभिलेख, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बैंक खाता खोलने के प्रपत्र, अंतिम जांच प्रतिवेदन, कम्प्यूटर, मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर, नगदी राशि तथा घटना से संबंधित अन्य सामग्री जप्त की गई है।
प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं साक्ष्य संकलन के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया था। रिमांड अवधि समाप्त होने पर आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल बिलासपुर भेजा गया।