9 जुआरियों को जुआ खेलते रंगे हाथ किया गया गिरफ्तार,ग्राम बिरकोना में अवैध जुआ फड़ पर कोनी पुलिस एवं ए सीसीयू की संयुक्त बड़ी कार्रवाई

20,700 नगद, 9 मोबाइल फोन एवं 1 मोटरसाइकिल जप्त
आरोपियों के विरुद्ध जुआ अधिनियम के साथ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर भेजा गया जेल
बिलासपुर।एसएसपी रजनेश सिंह ने जिले में संचालित अवैध जुआ, सट्टा एवं ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ प्रभावी एवं सतत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज कुमार पटेल एवं सीएसपी के मार्गदर्शन में कोनी पुलिस ने लगातार निगरानी एवं पतासाजी की ।
इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम बिरकोना स्थित टिकरीपारा हनुमान मंदिर के पास कुछ व्यक्ति 52 पत्ती ताश से रुपये-पैसों का दांव लगाकर काट पत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं।

सूचना से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल थाना कोनी एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर दबिश दी गई।रेड कार्रवाई के दौरान उपरोक्त सभी आरोपी राकेश कुमार बच्च पिता स्व. राममिलन, उम्र 40 वर्ष, निवासी बिरकोना. ईश्वर बंजारे पिता संतुराम बंजारे, उम्र 49 वर्ष, निवासी बाजारपारा तिफरा. रंजीत डिडौरे पिता खिलावन डिडौरे, उम्र 35 वर्ष, निवासी मिनी बस्ती जरहाभाठा,. बिकेश्वर रायल पिता जीवनलाल रायल, उम्र 41 वर्ष, निवासी बिरकोना. नवीन मान पिता अजय मान, उम्र 34 वर्ष, निवासी राजीव गांधी चौक, जरहाभाठा. अमित जायसवाल पिता स्व. आशाराम जायसवाल, उम्र 36 वर्ष, निवासी अटल आवास, अशोक नगर,. अर्पित महिलांगे पिता गोरेलाल महिलांगे, उम्र 29 वर्ष, निवासी राजीव गांधी चौक, जरहाभाठा,. समीर वर्मा पिता वीरेन्द्र वर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी टिकरीपारा, बिरकोना,
और नेतराय बच्च पिता स्व. रामभाऊ बच्च, उम्र 52 वर्ष, निवासी टिकरीपारा, बिरकोना,
52 पत्ती ताश से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पाए गए। आरोपियों के कब्जे एवं जुआ फड़ से ₹20,700 नगद, 52 पत्ती ताश, 09 मोबाइल फोन तथा 01 मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी -10-ईजे 9497 जप्त की गई।पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 389/2026 धारा 3(2) छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध धारा 170 बीएनएसएस के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक गिरफ्तारी कर धारा 126, 135(3) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।