सर्प दंश मामले में पुलिस ने की मनमानीं,पुलिस मुख्यालय के 2010 के निर्देशों को ताक पर रखकर लिपिकों की गिरफ्तारी, संघ ने जताया कड़ा विरोध,जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने सर्प दंश मामले में पुलिस की कार्यवाही पर गंभीर आपत्ति जताई है।और मुख्यमंत्री,गृहमंत्री मंत्री,के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा,
रोहित तिवारी ने बताया कि उक्त मामले में पुलिस ने बिना किसी प्रारंभिक जांच के जल्दबाजी में 3 लोक सेवक लिपिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही अन्य कई लिपिक कर्मचारियों को पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
*पुलिस मुख्यालय के आदेश का उल्लंघन*
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक / दिनांक 13.06.2010 में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी लोक सेवक के विरुद्ध शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा सीधे प्रकरण दर्ज न करते हुए पहले प्रारंभिक जांच की जाए। संबंधित लोक सेवक के नियंत्रक अधिकारी अथवा जिला दण्डाधिकारी से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर यह सुनिश्चित किया जाए कि संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं। इसके पश्चात ही अग्रिम कार्यवाही की जाए। लेकिन सर्प दंश मामले में पुलिस ने इस आदेश को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है।
*संघ की मांग*
1. तत्काल निष्पक्ष प्रारंभिक जांच कराई जाए।
2. गिरफ्तार लिपिकों को नियमानुसार राहत दी जाए।
3. दोषी पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
रोहित तिवारी ने कहा कि इस संबंध में संघ द्वारा पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम ज्ञापन आज जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल को सौंपा
यदि 7 दिवस के भीतर उचित कार्यवाही नहीं हुई तो संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
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