कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर में मशरूम उत्पादन तकनीकों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

बिलासपुर| कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर में दो दिवसीय मशरूम उत्पादन तकनीकों के माध्यम से कृषक महिलाओं का सशक्तिकरण विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की 30 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गीत शर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए कम लागत, कम स्थान एवं कम समय में अधिक आय अर्जित करने वाला एक प्रभावी कृषि-आधारित उद्यम है। उन्होंने महिलाओं से वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर स्वरोजगार स्थापित करने तथा अपने परिवार की आर्थिक उन्नति में योगदान देने का आह्वान किया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऑयस्टर एवं पैरा मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक विधियाँ, गुणवत्तायुक्त स्पॉन का चयन, सब्सट्रेट की तैयारी, बैग भरने की तकनीक, बीजाई, फसल प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन, कटाई उपरांत प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों माध्यमों से प्रदान की गईं।
वैज्ञानिक बोले,
किसानों एवं कृषक महिलाओं को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण देने का होता है काम
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक, डॉ. अमित शुक्ला, हेमकांति बंजारे, डॉ. एकता ताम्रकार, इंजी. पंकज मिंज, डॉ. स्वाति शर्मा तथा डॉ. चंचला रानी पटेल ने विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन करते हुए अपने-अपने विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। वैज्ञानिकों ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किसानों एवं कृषक महिलाओं को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे आधुनिक कृषि उद्यमों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की नवीनतम वैज्ञानिक तकनीक
प्रशिक्षण के कोर्स को-ऑर्डिनेटर जयंत साहू ने कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन करते हुए प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा मूल्य संवर्धन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा भविष्य में भी आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना तथा कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना है।