अरपा भैंसाझार परियोजना की बह गई कंक्रीट लाइनिग,शुरुआती बारिश भी नहीं झेल पाया करोड़ों का निर्माण,पिछले साल भी क्षतिग्रस्त हुआ था यही हिस्सा
बाढ़ और खेतों में पानी घुसने का सता रहा डर
बिलासपुर। अरपा भैंसाझार परियोजना के अंतर्गत तैयार नहर की कंक्रीट लाइनिग नदी के उफान में बह गई। नहर के किनारों को मिट्टी के कटाव से बचाने के लिए बनाई गई कंक्रीट की परतें उखड़कर मलबे में तब्दील हो गई हैं। पानी के वेग के आगे निर्माण कार्य टीक नहीं सका और देखते ही देखते तटबंध ढह गए। पिछले साल में लाइनिग बह गई थी। हालांकि यह अभी गारंटी अवधि में है।’शुरुआती बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और दावों की पोल खोलकर रख दी है। मौके पर कंक्रीट के बड़े-बड़े स्लैब टूटे पड़े हैं और उनके पीछे की मिट्टी पूरी तरह उजागर हो गई है। तटबंधों का कटाव तेजी से जारी है, जिससे मुख्य संरचना के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई थी। कंक्रीट की पतली परत केवल दिखावे के लिए बिछाई गई थी, जो शुरुआती बारिश में ही बह गई। यदि समय रहते ध्वस्त हुई लाइनिग की मरम्मत नहीं कराई गई, तो आगामी दिनों में होने वाली बारिश से आसपास के इलाकों और खेतों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है।
शुरुआती बारिश भी नहीं झेल पाई क्रांक्रीट लाइन
अरपा भैंसाझार डैम की सुरक्षा के लिए नदी के किनारे क्रंक्रीट की लाइन का निर्माण किया गया था। तेज बारिश और पानी के दबाव से लाइनिग उखड़कर मलबे में तब्दील हो गई। मिट्टी का कटाव तेजी से जारी है, जिससे मुख्य संरचना को भी खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों ने जताई बाढ़ की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अरपा नदी पर लाइन के निर्माण में अनियमितता बरती गई है। यदि तटबंध की तत्काल मरम्मत नहीं की गई, तो आगामी दिनों में तेज बहाव के कारण आसपास के निचले इलाकों और खेतों में पानी भरने से आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
गारंटी अवधि में, ठेकेदार करेगा मरम्मत
अरपा भैंसाझार परियोजना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में अगर पूरा मरम्मत का कार्य ठेकेदार को ही करना है। नहर की जो लाइनिग ढही है, उसे ठेकेदार की ओर से ही मरम्मत कराई जाएगी। पिछले साल भी यही हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसकी मरम्मत कराई गई थी। जानकारों का कहना है कि पानी के तेज बहाव के कारण हर साल ऐसी स्थिति निर्मित होती है।
वर्जन
अरपा भैंसाझार में लाइनिंग कहां पर बह गई है कहां टूटी है।इसकी मुझे जानकारी नहीं है।पता करता हूं।
द्वारिका जायसवाल
ईई कोटा डिवीजन