पूर्व जनपद सदस्य के पति का गला रेतकर हत्या,शराब भट्ठी के सामने ऑटो में मिली लाश,दो युवकों से विवाद के बाद हत्या की आशंका

बिलासपुर । तोरवा थाना क्षेत्र में सोमवार को दिनदहाड़े पूर्व जनपद सदस्य के पति की गला रेतकर हत्या कर दी गई। मृतक बाबला साहू ऑटो चलाते थे। उनका शव शराब भट्ठी के सामने खड़े ऑटो के अंदर खून से लथपथ मिला। हत्या की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक बाबला साहू की पत्नी गीता साहू पूर्व जनपद सदस्य हैं और भाजपा कार्यकताã बताई जा रही हैं। हालांकि, हत्या के पीछे राजनीतिक कारण है या आपसी विवाद, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

दरअसल प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बाबला साहू सोमवार को तोरवा शराब भट्ठी के सामने अपने ऑटो में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दो युवकों से उनका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों युवकों ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। गले में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सीएसपी सिटी कोतवाली गगन कुमार ने बताया कि दो हमलावरों की जानकारी मिली है, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है। सीसीटीवी के जरिए पुलिस उनकी पहचान कर तलाश में जुट गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल
शराब दुकान के आसपास हुई इस वारदात ने एक बार फिर ऐसे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शराब दुकान के आसपास आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद आपराधिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।
जांच में जुटी तोरवा पुलिस
फिलहाल तोरवा थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस आरोपी की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ, इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा।
सीसीटीवी और आसपास के लोगो से शुरू हुई पूछताछ
पुलिस ने हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की खोजबीन तेज कर दी है।इसके लिए सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगो से हुलिए के आधार पर खोजबीन करने में जुट गई है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जायेगा।इसके लिए मुखबिर लगा दिया गया है।
बिलासपुर में चाकूबाजी की घटना से फिर बढ़ी दहशत
बिलासपुर जिले में एक तरफ एसएसपी के चाकूबाजी करने वालो को जेल की हवा खिला दी है और जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुधरने और अपराध नही करने के लिए अपील की जा रही है दूसरी तरफ जरा सी बात पर लोग चाकू निकालकर सीधे हत्या कर दे रहे है।यह घटना बता रही है कि भले ही मामूली बात हो या फिर अन्य कोई बात,युवकों ने सीधे हत्या की नीयत से चाकू मारा है और उसके बाद फरार हो गए है।इसका मतलब साफ है
की युवकों ने अपने पास पहले से चाकू रखा था और घटना को अंजाम देने की नियत पहले से रही होगी।
पुलिस के सारे दावे हुए खोखले
जिले की पुलिस अपनी वाहवाही लूटने और चाकूबाजी की घटना में कमी आने का दावा करती है लेकिन लगातार चाकू की घटना में एक बार फिर से बिलासपुर पुलिस की पोल खोल दी है।
इससे यही लगता है कि अपराधियों के अब तक पुलिस का खौफ नहीं है।अगर खौफ रहता तो शायद चाकुबाजी की घटना नहीं होती।