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तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर निकली तिरंगा यात्रा, सारागांव में स्कूली बच्चों ने निकाली भव्य रैली

रायपुर/धरसींवा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में तिरंगा यात्राओं और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से लोगों को राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जा रहा है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर रैली निकालना नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए किए गए संघर्ष और बलिदानों को याद करना, तिरंगे के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना तथा देश की एकता और अखंडता के प्रति लोगों को जागरूक करना है।

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और देशवासियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। आजादी के बाद तिरंगा देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता, एकता और गौरव का प्रतीक बन गया। इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्वतंत्रता दिवस के आसपास ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।

इन आयोजनों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। जिस आजादी को हासिल करने के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष और बलिदान किया, उसकी गरिमा को बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

तिरंगा यात्रा के माध्यम से देश की एकता, अखंडता, संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका का संदेश भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर आम नागरिकों की भागीदारी वाला राष्ट्रीय पर्व बनाना है।

इसी भावना के साथ धरसींवा क्षेत्र के पीएम श्री सेजेस स्कूल सारागांव में भी ‘तिरंगा, घर-घर तिरंगा’ मुहिम के तहत भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकले स्कूली बच्चों ने नगर का भ्रमण किया और देश की आजादी, राष्ट्रीय एकता तथा अखंड भारत के संकल्प का संदेश दिया।

रैली के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। हाथों में लहराता तिरंगा और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत माहौल ने पूरे आयोजन को राष्ट्रीय पर्व की भावना से जोड़ दिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के महत्व, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश के प्रति अपने कर्तव्यों से परिचित कराना भी रहा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत रायपुर की सभापति श्रीमती सविता चन्द्राकर, विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजुम रहमान, सरपंच श्री धन्ना धीवर, शाला विकास समिति सदस्य श्री डी.पी. पाण्डे, थाना खरोरा के उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार पटेल तथा आरक्षक तरुण वर्मा सहित शिक्षकगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में शामिल अन्य शिक्षकों एवं सहयोगियों में सुखचि वर्मा, डिगेश्वरी साहू, झरना वर्मा, मीना चौहान, सरस्वती सिन्हा, डेवलाल धीवर, मंजू साई, दीपक कुमार मिया (व्याख्याता), आलोक वर्मा (व्याख्याता), प्रीति शुक्ला, प्रियंका जागड़े, सारिका पोरडवाल, प्रियका सुधीर साडे, मिली पाल, भूपेन्द्र देवांगन (सहायक शिक्षक), ज्ञानेश अवधियार, शाइस्ता नसीन, दीप्ति पाध्ये (सहायक शिक्षक), श्रद्धा स्मृति दास (व्याख्याता), सुनत कुमार वर्मा, मेघा सिन्हा, ई. रोजा, रवीना राजपुत दास और योजना चन्द्राकर शामिल रहे।

तिरंगा यात्रा का संदेश यही रहा कि आजादी हमें विरासत में मिली है, लेकिन उसकी गरिमा, देश की एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई यह रैली इसी राष्ट्रीय भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।

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