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कलेक्टर ने जैविक खेती और एआई प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर दिया जोर

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने ली टीएल बैठक,फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा

बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला कार्यालय में समय-सीमा बैठक लेकर राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।कलेक्टर अग्रवाल ने रासायनिक खाद के उपयोग से हटकर जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कोटा विकासखंड में कुछ गांवों का चयन कर उन्हें जैविक खेती के मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उमरिया, बेहरामुड़ा और लूफा गांव पहले से चयनित हैं, जबकि मस्तूरी विकासखंड का रिसदा गांव बीज उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने इन गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं से गांवों और ग्रामीणों को अधिकाधिक लाभान्वित करने को कहा, ताकि किसानों को प्रोत्साहन मिले और अन्य गांव भी जैविक एवं उन्नत कृषि के लिए प्रेरित हों।

शिक्षकों को एआई स्किल का प्रशिक्षण, कोटा और तखतपुर में शुरू हुआ प्रशिक्षण

कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूलों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्किल में प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय एआई तकनीक का है और शिक्षा के क्षेत्र में इसके उपयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। रमन यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों को एआई प्रशिक्षण देने में सहयोग की पहल की है। कोटा और तखतपुर विकासखंड में प्रशिक्षण की शुरुआत भी हो चुकी है। उन्होंने प्रशिक्षण को जिले के सभी स्कूलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

पीएम सूर्यघर योजना का लाभ लेने अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रोत्साहित

कलेक्टर ने सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यह योजना सभी वर्गों के लिए उपयोगी है और इससे बिजली के खर्च में कमी के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को शिक्षकों एवं अन्य विभागों की बैठकों में उपस्थित होकर योजना की प्रक्रिया, पात्रता और लाभ की विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए।

बैठक में योजना का लाभ ले चुके अधिकारियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। एडीएम शिवकुमार बैनर्जी ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित करने के बाद उनके घर का बिजली बिल लगभग 4 हजार रुपये से घटकर करीब 1 हजार रुपये रह गया है। जिले में अब तक लगभग 6 हजार घरों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।

बिल्डिंग नक्शा पास करते समय जल निकासी का रखें ध्यान

शहर में हाल के दिनों में सामने आई जलभराव की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों को भवनों के नक्शे स्वीकृत करते समय पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में भूमिगत जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण के लिए राज्य शासन द्वारा 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रत्येक वार्ड में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर जल संरक्षण एवं भू-जल पुनर्भरण के लिए संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें

कलेक्टर ने सेवा सेतु पोर्टल में शामिल योजनाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि केवल शिकायत का निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रयास यह होना चाहिए कि आवेदक भी संतुष्ट हो। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण में संवेदनशीलता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

खेती-किसानी, अग्रिस्टैक पंजीयन और धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में कलेक्टर ने खेती-किसानी से संबंधित कार्यों तथा अग्रिस्टैक पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी धान खरीदी की प्रारंभिक तैयारियों की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।

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