पचपेड़ी में ही शासकीय नवीन महाविद्यालय भवन निर्माण की मांग को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन

अन्य स्थान पर भवन निर्माण की कोशिश से ग्रामीणों में भारी आक्रोश, पचपेड़ी में ही भवन बनाने की मांग
पचपेड़ी,। ग्राम पचपेड़ी में संचालित शासकीय नवीन महाविद्यालय के भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। महाविद्यालय का भवन पचपेड़ी में ही बनाए जाने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत पचपेड़ी के सरपंच कविता चंद्रप्रकाश कुर्रे के नेतृत्व में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार पचपेड़ी को ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन से इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पचपेड़ी में शासकीय नवीन महाविद्यालय का संचालन विगत लगभग तीन वर्षों से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़ी के भवन में किया जा रहा है। महाविद्यालय के लिए स्वयं का भवन नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में महाविद्यालय के स्थायी भवन का निर्माण पचपेड़ी में ही किया जाना क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
ज्ञापन के अनुसार, ग्राम पंचायत पचपेड़ी द्वारा पूर्व में दिनांक 26 अप्रैल 2015 को महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए पंचायत प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्ताव में खसरा क्रमांक 729 एवं 1004 में से लगभग 10 एकड़ भूमि महाविद्यालय भवन के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। उक्त प्रस्ताव की प्रति महाविद्यालय के प्राचार्य को भी सौंपी गई थी। साथ ही तहसील कार्यालय पचपेड़ी द्वारा उक्त भूमि के संबंध में इश्तहार भी जारी किया गया था, लेकिन उस समय किसी प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आई थी।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पचपेड़ी में महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध है और ग्राम पंचायत द्वारा वर्षों पूर्व विधिवत प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, तो भवन को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास क्षेत्र की जनता के हितों के विपरीत है। वर्तमान में अन्य स्थान पर भवन निर्माण के प्रयास की जानकारी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने कहा कि पचपेड़ी क्षेत्र लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सुविधाओं की कमी से जूझता रहा है। यहां शासकीय नवीन महाविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। यदि इसका भवन पचपेड़ी से अन्यत्र बनाया जाता है, तो पचपेड़ी सहित आसपास के गांवों के छात्र-छात्राओं को आवागमन में परेशानी होगी तथा विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं और पूर्व में पारित ग्राम पंचायत प्रस्ताव को ध्यान में रखते हुए शासकीय नवीन महाविद्यालय पचपेड़ी का भवन पचपेड़ी में ही निर्मित किया जाए। किसी अन्य स्थान पर भवन निर्माण करने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए तथा उपलब्ध भूमि का नियमानुसार परीक्षण कर शीघ्र भवन निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत पचपेड़ी की सरपंच कविता चंद्रप्रकाश कुर्रे, उपसरपंच करन टंडन, अनुज कुर्रे, सुरेश खटकर अध्यक्ष व्यापारी संघ पचपेड़ी,राजेश गुप्ता, रमेश सूर्यकांत उपाध्यक्ष व्यापारी संघ पचपेड़ी,सरिता नरेन्द्र नायक सभापति , शतानंद दिव्या,सुखसागर सोनवानी, अखिलेश कुमार सोनी, क्रांति भारद्वाज सहित ग्रामवासी एवं आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पचपेड़ी में ही महाविद्यालय भवन निर्माण क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग और जनभावना से जुड़ा विषय है। शासन-प्रशासन द्वारा यदि इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो ग्रामीण आगे सामूहिक रूप से आंदोलन एवं जनआंदोलन की दिशा में कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पचपेड़ी में ही महाविद्यालय भवन निर्माण की स्वीकृति एवं कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की है।