परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले ही प्रश्नपत्र लीक….विभिन्न WhatsApp ग्रुप्स पर तेज़ी से वायरल….परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल…

रायपुर। नीट पेपर लीक होने के बाद केंद्र सरकार पेपर लीक को रोकने के लिए तमाम दावे कर रही है,लेकिन दूसरी ओर लगातार पेपर लीक की खबरें सामने आ रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से पेपर लीक की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि एग्जाम से पहले ही सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने लगा था। फिलहाल मामले को लेकर छात्रों ने विरोध करते हुए विश्व विद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज एंटोमोलॉजी का सेमेस्टर एग्जाम होना था। परीक्षा 10 बजे से आयोजित की गई थी, लेकिन सुबह 8 बजे ही सोशल मीडिया पर सेमेस्टर एग्जाम का पेपर वायरल होने लगा था।पेपर लीक होने की बात सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिला है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले 12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर लीक होने के दावे पर जमकर बवाल मचा था। 14 मार्च 2026 को 12वीं की हिंदी की परीक्षा थी,जो सफलतापूर्वक संपन्न हो गई थी। लेकिन 15 मार्च को सोशल मीडिया पर छात्र संगठनों ने पेपर लीक होने की जानकारी दी थी।मामले में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव ने सिविल लाइन्स और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।सब मिलाकर ये कहा जा सकता है कि जब तक देश की सरकारें छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं होंगी तब तक देश में कहीं ना कहीं से ऐसी खबरें देखने सुनने को मिलती रहेगी,
दरअसल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया। बीएससी सेकेंड ईयर (B.Sc 2nd Year) के ‘एंटोमोलॉजी’ (कीट विज्ञान) विषय का यह पर्चा परीक्षा से पहले ही विभिन्न WhatsApp ग्रुप्स पर तेज़ी से वायरल होने लगा, जिससे परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

छात्रों में भारी आक्रोश, कार्रवाई की मांग
20 अगस्त को होने वाली इस परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की खबर फैलते ही छात्रों में हड़कंप मच गया। परीक्षा व्यवस्था में हुई इस बड़ी चूक को लेकर छात्र-छात्राओं में गहरा असंतोष है। छात्रों ने इस पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच जारी
पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी हरकत में आ गया है। फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि गोपनीयता का उल्लंघन किस स्तर से हुआ और क्या इसमें विश्वविद्यालय से जुड़ा कोई अंदरूनी व्यक्ति शामिल है। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।