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सभापति बोले,राष्ट्रीय पर्व में पूरी अव्यवस्था में कुर्सी तक नहीं मिली..100 की जगह में 500 बुलाओगे तो बैठेंगे कहा,वीआईपी सीट पर नाम लिखे

स्वतंत्रता दिवस समारोह के मंच पर अमर समर्थकों के अपमान के मुद्दे ने पकड़ा तूल

नगर निगम के सभापति विनोद सोनी ने सीएम और डीएम को पत्र भेज कि दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूर्व मंत्री विधायक अमर अग्रवाल के समर्थकों को अपमानित करने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है ! नगर निगम के सभापति विनोद सोनी ने कलेक्टर,और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर पूरे मामले से अवगत कराकर जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।सभापति के साफ कहा है कि कार्यक्रम के अव्यवस्था थी और वीआईपी लोगो के बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं थी।
जिसके कारण वापस आना पड़ा है।

दरअसल गत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन के दौरान पुलिस ग्राउंड के मंच पर हुए अमर अग्रवाल के समर्थकों के अपमान का मामला सामने आया था। इसमें आरोप है! कि भाजपा के कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि का हाथ पकड़कर कर खींचने, पूर्व एल्डरमैन और कुछ भाजपा नेताओं से वीआईपी गेट पर बदसलूकी हुई थी।
जिसके कारण जमकर बहस हुआ था और इस बीच भाजपा और अधिकारियों कर्मचारियों के बीच तू तू मै मै तक की स्थिति बन गई थी।हालाकि इस बीच
भाजपा नेताओं और पुलिस कर्मियों के मोर्चा संभाला और फिर वीआईपी रास्ते से जाने दिया।
लेकिन यह मामला यही खत्म नहीं हुआ बल्कि मंच में फिर से जमकर विवाद हुआ।मंच में पहुंचे जनप्रतिनिधियो को बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं मिली, जिसको लेकर जमकर बवाल हुआ।मंच पर जगह और कुर्सी न मिल पाने के कारण सभापति विनोद सोनी,पूर्व एल्डरमैन मनीष अग्रवाल,पार्षद,एल्डरमैन और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं समेत महिला नेत्री स्नेहलता शर्मा जैसे जनप्रतिनिधियों को वापस लौटना पड़ा। हालाकि इस अव्यवस्था को लेकर पूर्व एल्डरमैन मनीष अग्रवाल और भाजपा अध्यक्ष दीपक सिंह ने भी खूब हंगामा किया था।जिन्होने अधिकारियों को कुर्सियाँ और रास्ता रोकने को लेकर नाराजगी जाहिर की।

नाराज सभापति के लिखा सीएम और कलेक्टर को पत्र

घटना के बाद से नाराज हुए नगर निगम के सभापति विनोद सोनी ने कलेक्टर और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम और जन प्रतिनिधियों के अपमान का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।इसमें उन्होंने साफ कहा है कि बैठने के लिए कुर्सियां नहीं थी,पूरी तरह से अव्यवस्था फैली हुई थी,जब 100 लोगो के बैठने की जगह है तो 500 लोगो को बुलाकर कहा बैठलेंगे।और अगर वीआईपी जगह पर बुलाना भी है तो कुर्सियों पर उनका नाम लिख दिया जाए,ताकि उनकी कुर्सी उनके नाम रहे और वे आकर बैठ सकें लेकिन अव्यवस्था की वजह से कई लोगो को खड़े रहना पड़ा और यही कारण है कि वापस जाना पड़ा ।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान मंच पर आमंत्रित जनप्रतिनिधियों के अपमान का मामला बेहद संवेदनशील है। इसको लेकर मैने
कलेक्टर और मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री के बेटे भी रहे बाहर

सूत्र बता रहे हैं कि इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे खुद बाहर रहे और जब फोन में बात हुई तब उनको भी जाने मिला ।जिसकी चर्चा जमकर हो रही है।

पहले बदतमीज़ी फिर
कुर्सियां नहीं मिलने से नाराज भाजपा कार्यक्रम मंच से वापस लौटे

सूत्रों ने बताया कि जब मुख्य द्वार जिसे वीआईपी गेट कहा जाता है वहां से प्रवेश करते हुए भाजपा के नेताओं के साथ जो बदतमीनी हुई और उनको अंदर जाने से रोका गया तब माहौल बिगड़ गया और उसके बाद मामला मंच तक पहुंचा जहां कुर्सियां नहीं मिलने से नाराज भाजपा नेता बौखला गए और उसके बाद नाराज होकर लौट गए।जिसमें विनोद सोनी, स्नेहलता शर्मा,मनीष अग्रवाल समेत कई लोग शामिल रहे।

गुलशन और हर्षिता को खोजने पड़ा कुर्सी

सूत्र ने बताया कि भाजपा नेता गुलशन ऋषि और महिला नेत्री हर्षिता पांडेय को कुर्सी नहीं मिली,इस दौरान वे लोग आप कुर्सी खोज रहे थे।जब कुर्सी नहीं मिली तब किसी तरह से आप लिए कुर्सी का इंतजाम करवाए।तब कही जाकर उनको बैठने मिला और उसके बाद राहत की सांस ली।

वीआईपी गेट पर तैनात नायब तहसीलदार,पीडब्लूडी कर्मचारी और आरआई रहे ड्यूटी पर

सूत्र बता रहे है कि वीआईपी गेट पर नायब तहसीलदार,आरआई,और पीडब्ल्यूडी का एक कर्मचारी ड्यूटी पर रहे,इस बीच पुलिस भी मौजूद रही,लेकिन भाजपा नेताओं को प्रवेश देने के समय सब तमाशा देखते रहे और अब कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

एसडीएम करते रहे मान मनौव्वल

बताया जा रहा कि अव्यवस्था और कुर्सियों पर कर्मचारियों व उनके पारिवारिक सदस्यों के कब्जे के कारण पदाधिकारियों को कुर्सियां नही मिली तो बहुत देर तक इंतजार करने के बाद लौटना पड़ा। ये देखकर एसडीएम ने उन्हें सीट दिलाने का हवाला दे रोकने का प्रयास भी किया परन्तु नेता नही माने घर लौट गए।

फिर रिहर्सल का क्या मतलब

सवाल यह उठ रहा कि करीब 10-15 दिन से स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह के लिए रिहर्सल पर रिहर्सल हो रहा था।फिर भी ऐसी चूक तो फिर ऐसे रिहर्सल का क्या मतलब हुआ जिसमें नेताओं के साथ बदतमीनी हुई है।

वर्जन
कार्यक्रम में बैठने की व्यवस्था नहीं थी।कुर्सियां नहीं मिली,इसके लिए सीएम और कलेक्टर को पत्र लिखा गया है।ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो और व्यवस्थित कार्य्रकम हो।

विनोद सोनी
सभापति नगर निगम

वर्जन
वीआईपी गेट से कई भाजपा नेताओं के साथ बदतमीज़ी की गई है।जिसके कारण नाराज होकर कई लोग वापस लौट गए थे।

मनीष अग्रवाल
पूर्व एल्डरमैन निगम

वर्जन
मैने भी सुना है कि भाजपा नेताओं को वीआईपी गेट में बदतमीज़ की गई है।यह कुप्रबंधन और अव्यवस्था है नतीजा है।जबकि कोई भी नेता किसी भी दल का हो उनको सम्मान मिलना चाहिए।

सुधांशु मिश्रा
अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी

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