लिया सैंपल टाॅफी और सूजी रस्क का…!

, चांवल,बेसन, खाद्य तेल और घी की भी होगी जांच
कोंडागांव-नजर में थी टाॅफी और टोस्ट। अरसे बाद चावल का भी सैंपल लिया गया। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल कोंडागांव में जिस सख्त अंदाज में जांच और सैंपलिंग हो रही है, उससे यह साफ हो चला है कि अपमिश्रण का खेल अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेला जा रहा है।
‘बने खाबों- बने रहिबो’ अभियान अब शबाब पर पहुंच रहा है। इसमें सख्ती और बढ़ने की संभावना इसलिए बनती नजर आ रही है क्योंकि पहली बार टाॅफियां और पीपरमेंट जैसी सामग्रियों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। भरपूर मौका दिया है प्रशासन सुधार का। इस बार भी अवसर दे रहा है स्वच्छता, सही रख-रखाव के लिए पर्चे बांट कर और समझाइश देकर।

पहली बार टाॅफी और सूजी रस्क
‘बने खाबो- बने रहिबो’ अभियान के पहले ही प्रशासन तैयारी कर ली थी कन्फेक्शनरी और बेकरी आइटमों की जांच की। अपमिश्रण की शिकायतें पहले से ही मिल रही थी। बच्चे होते हैं अधिकांश उपभोक्ता लिहाजा लोकल और ब्रांडेड टाॅफी के साथ टोस्ट के भी सैंपल लिए गए। इन्हें परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
अरसे बाद चावल के सैंपल
चावल में मिलावट की शिकायतों में इजाफा को ध्यान में रखते हुए जांच टीम ने फिर से सैंपल लिए हैं। साथ में खाद्य तेल और बेसन के भी नमूने लिए गए हैं। हो सकती है मिलावट घी में। इसलिए इसका भी सैंपल लिया है खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने। साथ ही सख्त चेतावनी भी दी गई है कि परीक्षण में अपमिश्रण प्रमाणित हुई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच, निर्माण और विक्रय स्थल की
कड़ी नजर थी निर्माण और विक्रय स्थल पर भी। स्वच्छता और रख-रखाव को लेकर भी हिदायत दी गई। इससे संबंधित सूचना के साथ संचार सामग्री वाले पर्चा निर्माता और विक्रेता संस्थानों को वितरित किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जागरूकता के साथ जांच अभियान अब लगातार जारी रहेगा।
वर्जन
सात सैंपल लिए गए
पनीर, सूजी रस्क, बेसन, खाद्य तेल, चावल और टाॅफियों के कुल 7 सैंपल लिए गए हैं। इन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। परीक्षण रिपोर्ट उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रोशन वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कोंडागांव