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बंदियों ने उत्साह से फोड़ी दही-हांडी,जेल की दीवारों के बीच गूंजे कृष्ण भजन,जन्माष्टमी पर केंद्रीय जेल में दिखा भक्ति और उल्लास का माहौल

विधायक अमर अग्रवाल ने कहा – श्रीकृष्ण के आदर्शों से जीवन में लाएं सकारात्मक बदलाव

बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सौहार्द के साथ मनाया गया। आमतौर पर जहां जेल परिसर अनुशासन और बंदिशों के लिए जाना जाता है, वहीं जन्माष्टमी के अवसर पर यहां का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, झूले और आकर्षक धार्मिक सजावट से परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। भजन-कीर्तन की गूंज के बीच बंदियों ने उत्साह के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया और दही-हांडी कार्यक्रम में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और जन्माष्टमी समारोह में बंदियों के साथ सहभागिता की। इस दौरान भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें बंदियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। भगवान श्रीकृष्ण के भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। बंदियों ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। मटकी फूटते ही परिसर में खुशी और उल्लास का माहौल बन गया। जेल अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बंदियों का उत्साह बढ़ाया और उनके साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

श्रीकृष्ण के आदर्शों से बदलाव की प्रेरणा लेने का संदेश

इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल ने बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्म और कर्तव्य का संदेश देता है। हर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है और अच्छे विचारों व सदाचार को अपनाकर नई शुरुआत कर सकता है।
उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे अपने जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करें और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अच्छे आचरण, अनुशासन और कर्म के रास्ते पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि जीवन में अच्छे विचारों को अपनाने की प्रेरणा देना भी है।

सुधार और सकारात्मक सोच की दिशा में पहल

जेल प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके भीतर सकारात्मक और आध्यात्मिक भावनाओं का विकास करना रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, अपने जीवन में सुधार लाने और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बंदियों के साथ मिलकर जन्माष्टमी का उत्सव मनाया। इससे जेल परिसर में आपसी सौहार्द और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला।

अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, प्रभारी उप जेल अधीक्षक कोकिला वर्मा, सहायक जेल अधीक्षक विजयानंद सिंह सहित जेल के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।जन्माष्टमी के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में अच्छे विचार, सकारात्मक बदलाव और नई शुरुआत की प्रेरणा देने का माध्यम भी बन सकते हैं।

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