सरकारी छुट्टी बनी अवैध रेत कारोबारियों के लिए गोल्डन चांस,लोखड़ी पंचायत में आधी रात तक नदी से धड़ल्ले से रेत उत्खनन,ट्रैक्टरों की लगी लम्बी कतार

बिलासपुर। कृष्ण जन्माष्टमी की सरकारी छुट्टी का फायदा उठाकर ग्राम लोखड़ी पंचायत क्षेत्र में नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। देर रात तक नदी और घाट में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर रेत भरने के लिए खड़े रहे और बेखौफ होकर रेत का परिवहन जारी रहा। मौके की तस्वीरें खुद पूरे हालात की कहानी बयां कर रही हैं। नदी घाट पर सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों की कतार नजर आ रही है।

दरअसल ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से बिना वैध अनुमति अथवा नियमों की अनदेखी करते हुए रेत निकाली जा रही है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि खनिज विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद मौके पर कार्रवाई के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे। इतना ही नहीं, विभाग की उड़नदस्ता टीम की गैरमौजूदगी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकारी छुट्टी के दिन जब विभागीय गतिविधियां सीमित रहती हैं, उसी दौरान इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों का नदी घाट पर पहुंचना और देर रात तक रेत का परिवहन होना खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकारी छुट्टी का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।दिन और रात रेत का अवैध उत्खनन कर धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है।जिसमें किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।जबकि कई बार ग्रामीणों ने इसकी सूचना खनिज विभाग को दी है।बावजूद इसके खनिज विभाग कार्रवाई करने में कोताही बरत रहा है।
खानापूर्ति की होती है कार्रवाई
कलेक्टर के आदेश या फिर नेताओं के निर्देश पर खनिज विभाग कार्रवाई करके खानापूर्ति करता है।इसमें कोटा,मस्तूरी,तखतपुर,और बिल्हा की तरफ अवैध उत्खनन कर परिवहन करने वाले वाहनों को जब्त कर जुर्माना करता है।लेकिन अवैध उत्खनन करने का सिलसिला फिर से जारी रहता है।
रात में ज्यादातर होते है उत्खनन
नदियों से रेत का उत्खनन और परिवहन करने का काम 12 महीने तक होता है जबकि देखा जाए तो चार महीने तक रेत के उत्खनन पर रोक लगा रहता है।इसके लिए बकायदा खनिज विभाग की तरफ से आदेश जारी होता है।लेकिन नियमों को तोड़कर रेत माफिया उत्खनन करने से जरा भी पीछे नहीं रहते है।
वर्जन
अवैध उत्खनन मिलने की सूचना पर कार्रवाई होती है।किसी को भी अवैध उत्खनन नहीं करने दिया जाएगा।
राजू यादव
खनिज निरीक्षक