बिलासपुर में संदिग्ध घुसपैठियों पर बड़ा एक्शन….23 लोगों को भेजा गया डिटेंशन सेंटर….एसएसपी ने टीम बनाकर चलाया ताबड़तोड़ अभियान….

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अवैध अप्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान को लेकर पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस के मुताबिक, इस अभियान के तहत सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रहने वाले 23 संदिग्ध व्यक्तियों को पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है।
यह कार्रवाई राज्य शासन के निर्देश के बाद शुरू किए गए विशेष अभियान का हिस्सा है। बिलासपुर पुलिस ने संदिग्ध लोगों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है।

7 निरीक्षकों वाली टीम ने शुरू की जांच
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मित कौर चावला के नेतृत्व में विशेष टास्क फोर्स बनाई गई। इसमें सात निरीक्षकों को शामिल किया गया है। टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में जांच और पूछताछ कर ऐसे लोगों की जानकारी जुटाई, जिनकी पहचान, मूल निवास या दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी पाया गया।

पश्चिम बंगाल तक पहुंची पुलिस की जांच
पुलिस जांच के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर क्षेत्र से सामने आए। इसके बाद बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर संबंधित लोगों की पहचान और दस्तावेजों को लेकर जानकारी साझा की। पुलिस के अनुसार, संबंधित थाना क्षेत्रों से भी संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। सीमावर्ती इलाकों से बांग्लादेशी नागरिकों के भारत आने और यहां रहने से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में भी पुलिस ने तथ्य जुटाए हैं।
4 सितंबर को 23 संदिग्धों को भेजा गया रायपुर
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में रहने वाले 23 संदिग्ध व्यक्तियों को 4 सितंबर 2026 को रायपुर के होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक की गई है। दस्तावेजों की जांच संबंधित एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों के माध्यम से की जा रही है।
पुलिस ने जारी किया टोल-फ्री नंबर
बिलासपुर पुलिस ने आम लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने की अपील की है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, किसी व्यक्ति की पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने पर नागरिक इस नंबर पर सूचना दे सकते हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मोहम्मद हुसैन उर्फ सुब्रती शर्मा उर्फ सागर, निवासी जशोर, बांग्लादेश की पहचान होने के बाद 12 जुलाई 2025 को उसके खिलाफ बांग्लादेश निर्वासन की कार्रवाई की गई थी।इसके अलावा हृदय कुमार शर्मा के खिलाफ थाना तोरवा में 17 मार्च 2025 को बांग्लादेश की नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में अपराध दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी। न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद उसे भी बांग्लादेश Deportation की कार्रवाई तक रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
बिलासपुर पुलिस का कहना है कि अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।