गणेश उत्सव में पंडाल, बिजली और ध्वनि को लेकर सख्ती
साव ने कहा- प्रक्रिया आसान करें, उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
समितियों को अनावश्यक परेशान न करने की हिदायत
बिलासपुर। गणेश उत्सव को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गणेश उत्सव समितियों के लिए नियम तय किए हैं। शनिवार को शहर पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमों के नाम पर गणेश उत्सव समितियों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। समितियों से समन्वय कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराने और आयोजन में प्रशासन की ओर से सहयोग करने को कहा गया है।
प्रशासन के अनुसार गणेश प्रतिमाओं के लिए पंडाल ऐसी जगह बनाए जाने चाहिए, जिससे सड़क और यातायात प्रभावित न हो। आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता खुला रखना जरूरी होगा। पंडाल में विद्युत कनेक्शन और वायरिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप करनी होगी, ताकि करंट लगने और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
पंडालों में सीसीटीवी कैमरे और वालंटियर की व्यवस्था रखने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा ध्वनि सीमा समेत अन्य निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन ने समितियों को आयोजन से जुड़ी आवश्यक अनुमति और औपचारिकताएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों से कहा कि गणेश उत्सव समितियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जाए। जरूरी अनुमति की प्रक्रिया सरल रखी जाए और गैरजरूरी औपचारिकताओं के कारण समितियों को परेशानी न हो। प्रशासन और समितियों के बीच समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से उत्सव संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 24 सितंबर तक करना होगा। सुरक्षा व्यवस्था के साथ पंडालों की निगरानी, विद्युत सुरक्षा और ध्वनि सीमा का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित समितियों की रहेगी।